झारखंड: JPSC-JSSC भर्ती विवाद में राहुल गांधी की एंट्री, छात्रों से की 10 मिनट लंबी बातचीत झारखंड एक घंटा पहले 2
झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारियों से फोन पर बात की है। उन्होंने छात्रों से उनकी मांगों का ज्ञापन मांगा है और सरकार के सामने उनकी आवाज उठाने का भरोसा दिया है।

झारखंड में जारी है छात्रों का संघर्ष

झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में धांधली और अनियमितताओं के विरोध में छात्रों का प्रदर्शन लगातार जारी है। यह आंदोलन अब अपने 13वें दिन में प्रवेश कर चुका है। रांची स्थित जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं। इस पूरे मामले ने अब एक नया मोड़ ले लिया है, जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सीधे इन प्रदर्शनकारी छात्रों से संपर्क साधा है।

राहुल गांधी की छात्रों से सीधी बातचीत

गुरुवार की रात को राहुल गांधी ने आंदोलनरत छात्रों के साथ फोन पर करीब 10 मिनट तक लंबी बातचीत की। यह संवाद रांची महानगर कांग्रेस अध्यक्ष कुमार राजा के मोबाइल फोन के जरिए संभव हो पाया। बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने पूरी संवेदनशीलता के साथ छात्रों की समस्याओं को सुना। छात्रों ने उन्हें भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों, पेपर लीक के मामलों और लंबे समय से लंबित नियुक्तियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने राहुल गांधी को यह भी बताया कि बड़ी संख्या में अभ्यर्थी पिछले 13 दिनों से धरना और अनशन पर बैठे हैं और वे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।

मांगों का ज्ञापन और भविष्य की रणनीति

राहुल गांधी ने छात्रों के आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन देने का भरोसा दिया। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से कहा कि वे अपनी सभी मांगों का एक विस्तृत ज्ञापन तैयार करें और उसे उनके आधिकारिक व्हाट्सएप नंबर पर भेज दें। राहुल गांधी ने आश्वासन दिया कि वह इस पूरे मामले को लेकर झारखंड सरकार के समक्ष बात रखेंगे और छात्रों की मांगों के समाधान के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। उनका स्पष्ट मानना है कि छात्रों की आवाज को सरकार को सुनना चाहिए और उनके साथ न्याय होना चाहिए।

11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का गठन

आंदोलन को आगे बढ़ाने और सरकार के साथ बातचीत का रास्ता साफ करने के लिए छात्रों ने 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की घोषणा की है। इस टीम में 8 छात्र प्रतिनिधियों के साथ-साथ 2 पत्रकार और 1 अधिवक्ता को भी शामिल किया गया है। छात्रों ने हालांकि स्पष्ट किया है कि सरकार के साथ होने वाली वार्ता में केवल छात्र प्रतिनिधि ही अपनी मांगे प्रमुखता से रखेंगे। वहीं, पत्रकार और अधिवक्ता केवल मार्गदर्शक और अभिभावक के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।

पारदर्शिता की मांग पर अड़े छात्र

आंदोलनकारी छात्रों ने अपनी स्पष्ट शर्त रखी है कि वे सरकार के साथ किसी भी बंद कमरे में बैठक नहीं करेंगे। उनकी मांग है कि सरकार के साथ होने वाली वार्ता पूरी तरह से सार्वजनिक और पारदर्शी होनी चाहिए। हालांकि, छात्र प्रतिनिधिमंडल की सूची सरकार को सौंपे जाने के बावजूद, खबर लिखे जाने तक वार्ता के समय और स्थान को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं हो पाया था।

सीबीआई जांच और विधानसभा मार्च की चुनौती

छात्रों का आंदोलन 25 जुलाई से लगातार जारी है। उनकी प्रमुख मांगों में जेपीएससी, जेएसएससी और अन्य राज्य स्तरीय भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच कराना, दोषियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई करना और भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधार करना शामिल है। इन मांगों के समर्थन में और अपनी आवाज को और अधिक बुलंद करने के उद्देश्य से छात्रों ने 7 अगस्त को विधानसभा मार्च का भी आह्वान किया है। पूरे राज्य की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या सरकार इन छात्रों के साथ किसी समाधान पर पहुंचती है या फिर आंदोलन और अधिक तीव्र रूप ले लेगा।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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