विश्व
एक घंटा पहले
3
विचारों
युद्ध के मैदान में उत्तर कोरिया की दस्तक
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे लंबे युद्ध में अब उत्तर कोरिया का दखल पूरी तरह से सामने आ गया है। उत्तर कोरिया ने न केवल रूस को अपनी घातक बैलिस्टिक मिसाइलों की आपूर्ति की है, बल्कि मॉस्को के युद्ध प्रयासों को और अधिक मजबूती देने के लिए एक विशेष मिसाइल इकाई को भी तैनात कर दिया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने इसे दोनों देशों के बीच गहरे होते रक्षा सहयोग का स्पष्ट प्रमाण बताया है। यूक्रेन की सैन्य खुफिया एजेंसी, जिसे एचयूआर के नाम से जाना जाता है, के अनुसार, इस तैनाती में लगभग 90 उत्तर कोरियाई कर्मी, 6 मिसाइल लॉन्चर और 120 बैलिस्टिक मिसाइलें शामिल हैं। इन हथियारों में 40 ऐसी मिसाइलें शामिल हैं जो नई आपूर्ति के तहत पहुंची हैं, जिनमें मुख्य रूप से KN-23 और KN-24 मॉडल शामिल हैं।
हथियारों की कमी से जूझ रहा है यूक्रेन
कीव प्रशासन ने इस स्थिति पर गहरी चिंता जताते हुए चेतावनी दी है कि उनके पास मौजूद अमेरिका निर्मित पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों का भंडार तेजी से घट रहा है। इससे यूक्रेन की बैलिस्टिक मिसाइलों के हमलों को रोकने की क्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। मॉस्को और प्योंगयांग के बीच यह बढ़ता सैन्य तालमेल उसी समय से तेज हुआ है, जब फरवरी 2022 में रूस ने यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर हमला शुरू किया था।
रणनीतिक साझेदारी और पुतिन-किम का समझौता
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उत्तर कोरिया के शीर्ष नेता किम जोंग उन के बीच जून 2024 में हुई मुलाकात के दौरान एक 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी संधि' पर हस्ताक्षर किए गए थे। इस संधि का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा यह है कि यदि दोनों देशों में से किसी एक पर भी कोई सशस्त्र हमला होता है, तो दूसरा देश उसे तत्काल सैन्य और अन्य आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध रहेगा।
गोला-बारूद और हथियारों की भारी आपूर्ति
दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, केवल 2024 की शुरुआत तक उत्तर कोरिया ने रूस को गोला-बारूद से भरे लगभग 6,700 कंटेनर भेजे थे। इन शिपमेंट में 30 लाख से अधिक 152 मिमी आर्टिलरी शेल और लगभग 5 लाख 122 मिमी के राउंड मौजूद थे। अप्रैल 2025 में आई एक विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर 2023 से मार्च 2025 के बीच रूसी कार्गो जहाजों ने कुल 64 फेरे लगाकर उत्तर कोरिया से रूस तक 40 लाख से 60 लाख आर्टिलरी शेल पहुंचाए हैं। यूक्रेन की खुफिया एजेंसी एचयूआर का अनुमान है कि 2023 के मध्य से अब तक कुल आपूर्ति में 122 मिमी और 152 मिमी के गोले तीन-चौथाई से अधिक हैं।
सैनिकों की तैनाती और जमीनी हकीकत
अप्रैल 2025 में प्योंगयांग ने पहली बार यह आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया कि उसने रूसी सेना के साथ मिलकर लड़ने के लिए अपने सैनिक तैनात किए हैं। सरकारी मीडिया के दावों के अनुसार, किम जोंग उन की मंजूरी के बाद उत्तर कोरियाई सैनिकों ने रूस के कुर्स्क क्षेत्र में सैन्य अभियानों में सक्रिय रूप से भाग लिया। रूस ने भी इन सैनिकों की उपस्थिति की पुष्टि की है। एचयूआर के प्रवक्ता आंद्री चेर्नियाक के मुताबिक, ये उत्तर कोरियाई इकाइयां रूस की 112वीं मिसाइल ब्रिगेड का हिस्सा बनकर पश्चिमी वोरोनिश इलाके में तैनात की जा रही हैं। चेर्नियाक ने आरोप लगाया कि रूस ने हाल ही में उत्तर कोरियाई बैलिस्टिक मिसाइल का उपयोग एक हमले में किया है, जो अगस्त 2025 के बाद से ऐसी पहली घटना है। प्योंगयांग ने 2023 के अंत और अगस्त 2025 के बीच रूस को करीब 150 KN-23 और KN-24 बैलिस्टिक मिसाइलें भेजी हैं।
मिसाइलों की मारक क्षमता और प्रभाव
यूक्रेनी सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि KN-23 और KN-24 मिसाइलों की रेंज रूस की स्वदेशी इस्कंदर मिसाइलों से कहीं अधिक है और इनमें बड़ा वॉरहेड लगा होता है। हालांकि, इनकी सटीकता (एक्युरेसी) कम होने के कारण इनके हमलों से आम नागरिकों के बीच भारी जान-माल का नुकसान हो रहा है। रूस द्वारा यूक्रेन पर अपने मिसाइल हमले तेज करने के बीच ये घटनाक्रम युद्ध को और अधिक भयावह मोड़ पर ले आए हैं।
Comments
0 comment