राज्यसभा चुनाव से ऐन पहले झारखंड में सियासी घमासान, कांग्रेस का क्रॉस वोटिंग का दावा तो भाजपा बोली- हार की बौखलाहट झारखंड 2 घंटे पहले 2
झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए तीन उम्मीदवार मैदान में हैं और 18 जून को मतदान व मतगणना होगी। कांग्रेस ने भाजपा के 10 से 12 विधायकों के पाला बदलने का दावा किया है, जिसे भाजपा ने हार के डर से उपजी छटपटाहट करार दिया है।

झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है। मतदान की तारीख जैसे-जैसे करीब आ रही है, सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानों के तीर तेज होते जा रहे हैं। एक ओर कांग्रेस अपनी जीत को लेकर पूरी तरह निश्चिंत दिख रही है, तो दूसरी ओर भाजपा ने विपक्ष के तमाम दावों को बेबुनियाद बताते हुए इन्हें हार की आशंका से जन्मी बयानबाजी करार दिया है।

दो सीटों पर तीन दिग्गजों की टक्कर

राज्यसभा चुनाव के लिए 18 जून को मतदान होगा और उसी दिन मतगणना भी की जाएगी। तारीख नजदीक आते ही सूबे का सियासी पारा चरम पर है। खास बात यह है कि 2 सीटों के लिए 3 कद्दावर उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं और हर कोई अपनी जीत पक्की करने के लिए सियासी समीकरण साधने में जुटा है। सीट अपने खाते में लाने के लिए सत्ताधारी गठबंधन और विपक्ष के बीच शह-मात का खेल शुरू हो चुका है।

कांग्रेस का बड़ा दावा

कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर के एक चौंकाने वाले बयान ने झारखंड की सियासत में हलचल पैदा कर दी है। उन्होंने कहा कि गठबंधन अपनी जीत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त है। ठाकुर के मुताबिक भाजपा के कई विधायक अपनी ही पार्टी से नाराज हैं और उम्मीदवार न दिए जाने के कारण असंतोष और गहरा गया है।

उन्होंने यहां तक दावा किया कि भाजपा के 10 से 12 विधायक इधर से उधर हो सकते हैं। उनके इस बयान को सीधे तौर पर कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में क्रॉस वोटिंग के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

भाजपा का तीखा पलटवार

राजेश ठाकुर के इस दावे पर भाजपा ने करारा जवाब दिया है। पार्टी के मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल ने कहा कि अगर ठाकुर को लगता है कि उनके (भाजपा के) 10 से 12 विधायक उनके संपर्क में हैं, तो वह हमारे विधायकों को लेकर चले जाएं।

जायसवाल ने कहा कि भाजपा के विधायक पार्टी कार्यकर्ता की तरह काम करते हैं और पार्टी जो भी फैसला लेती है, सभी उसके साथ खड़े रहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राजेश ठाकुर इस तरह की बातें सिर्फ अपने विधायकों को यह दिखाने के लिए कर रहे हैं कि अगर वे दूसरी ओर जा रहे हैं तो उधर से भी उनके संपर्क मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि दरअसल कांग्रेस को हार का डर सता रहा है और इसी छटपटाहट में वह ऐसी बातें कर रही है।

हर वोट कीमती, क्रॉस वोटिंग का डर

झारखंड की राजनीति में राज्यसभा चुनाव हमेशा से दिलचस्प और अप्रत्याशित रहे हैं। सदन में मौजूदा संख्या बल को देखते हुए हर एक वोट बेहद कीमती है। यही वजह है कि सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों ही अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने में पूरी ताकत लगा रहे हैं।

कांग्रेस जहां भाजपा के भीतर के असंतोष का लाभ उठाने की फिराक में है, वहीं भाजपा भी सत्ताधारी गठबंधन के नाराज विधायकों पर पैनी निगाह बनाए हुए है। इस बयानबाजी के बाद अब दोनों खेमों में अपने विधायकों की घेराबंदी और सख्त कर दी गई है।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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