महुआ से बन रहीं शुगर-फ्री कुकीज और चॉकलेट, डायबिटीज मरीजों के लिए सलोनी की पहल बनी मिसाल झारखंड एक घंटा पहले 2
रांची की सलोनी और उनकी टीम महुआ से बेहद कम कैलोरी वाली शुगर-फ्री कुकीज, चॉकलेट और सिरप तैयार कर रही हैं, जो डायबिटीज के मरीजों और कैलोरी कांशस लोगों के लिए बेहतरीन विकल्प हैं। इस पहल से करीब 300 महिलाओं को रोजगार भी मिल रहा है।

झारखंड में महुआ की पहचान अब तक मुख्य रूप से शराब बनाने वाली चीज के तौर पर रही है, लेकिन रांची में इसी महुआ का चेहरा अब पूरी तरह बदल रहा है। खूंटी के जंगलों में बहुतायत में पाए जाने वाले महुआ के पेड़ से गांव की महिलाएं अब चॉकलेट और बिस्किट जैसे स्वादिष्ट उत्पाद तैयार कर रही हैं। इनकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि इनमें कैलोरी न के बराबर होती है और शुगर भी नहीं होती, जिसके चलते इन्हें डायबिटीज के मरीजों के लिए भी उपयुक्त माना जाता है। इसके साथ ही इनमें प्रोटीन और कई जरूरी विटामिन भी भरपूर मात्रा में मौजूद रहते हैं।

शराब से चॉकलेट तक का सफर

अपने तमाम उत्पादों को दिखाते हुए सलोनी बताती हैं कि खूंटी के जंगलों से खासतौर पर महिलाओं के जरिए महुआ चुनकर मंगवाया जाता है। उनके मुताबिक पहले यही महिलाएं महुआ से शराब बनाकर बेचा करती थीं, लेकिन इससे न तो उन्हें ज्यादा मुनाफा मिलता था और न ही यह समाज के लिहाज से सही था। ऐसे में टीम ने महुआ पर प्रयोग करना शुरू किया और आज इसी से चॉकलेट से लेकर कुकीज तक बनवाई जा रही हैं।

स्वाद में बड़े ब्रांड को टक्कर

सलोनी का दावा है कि एक बार खाकर कोई यह अंदाजा भी नहीं लगा पाएगा कि यह महुआ से बना है। उनके अनुसार स्वाद में यह बड़े ब्रांड की चॉकलेट को टक्कर देता है और डायबिटीज के मरीज इसे जितना चाहें खा सकते हैं, क्योंकि इसमें कैलोरी सिर्फ 5 से 10 तक ही होती है, इससे ज्यादा नहीं। वे बताती हैं कि इस पर रिसर्च भी की गई है। उनके पास महुआ से बनी कैंडी, अचार और सिरप तक उपलब्ध है। अगर किसी को केक में कोई अलग फ्लेवर चाहिए तो वह इसके सिरप का इस्तेमाल कर सकता है।

300 महिलाओं को मिल रहा रोजगार

शराब बनाने वाली चीज से इतने सारे उत्पाद महिलाओं के हाथों तैयार कराने का यह काम रोजगार का बड़ा जरिया भी बन गया है। सलोनी के अनुसार इस पहल से करीब 300 महिलाओं को रोजगार और आमदनी दोनों मिल रही है। उनका अपना एक क्लस्टर है, जहां से ये सभी चीजें लाई जाती हैं और महिलाएं अपने हाथों से इन्हें तैयार करती हैं। इस पूरी प्रक्रिया में शुद्धता और सफाई का खास ध्यान रखा जाता है।

क्या है इनकी कीमत

कीमत के लिहाज से भी ये उत्पाद आम लोगों की पहुंच में हैं। महुआ से बनी कुकीज की कीमत ₹50-100 की रेंज में होती है और चॉकलेट भी इसी रेंज में उपलब्ध है। यानी 50 से 100 रुपये के भीतर कैंडी से लेकर चॉकलेट तक हर चीज मिल जाती है। वहीं सिरप की कीमत 200-250 रुपये है। खरीदार अपने बजट और जरूरत के हिसाब से इनकी खरीदारी कर सकते हैं। महुआ से इस तरह के उत्पाद बनाना जहां एक इनोवेटिव कदम है, वहीं यह कैलोरी कांशस लोगों और शुगर के मरीजों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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