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2 घंटे पहले
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एनसीआर के शहरों और दक्षिणी दिल्ली के विभिन्न इलाकों से ट्रेन का सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए आने वाले समय में गुड़गांव रेलवे स्टेशन नई दिल्ली स्टेशन का विकल्प साबित हो सकता है। फिलहाल गुड़गांव और उसके आसपास के क्षेत्रों के अधिकतर यात्रियों को ट्रेन पकड़ने के लिए नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, हजरत निजामुद्दीन या दिल्ली के दूसरे बड़े स्टेशनों तक पहुंचना पड़ता है। लेकिन गुड़गांव स्टेशन का रिडेवलपमेंट पूरा होते ही यह दौड़भाग कम हो जाएगी।
अभी 35 किलोमीटर का सफर, डेढ़ घंटे तक का समय
गुड़गांव और आसपास के शहरों से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन तक पहुंचने के लिए यात्रियों को मौजूदा समय में करीब 35 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। ट्रैफिक सामान्य रहने पर भी इसमें डेढ़ घंटे तक लग जाते हैं, जबकि पीक आवर्स के दौरान यह यात्रा और लंबी खिंच जाती है। कई बार तो यात्रियों की ट्रेनें तक छूट जाती हैं।
घर के नजदीक से मिल सकेगी ट्रेन
गुड़गांव रेलवे स्टेशन के रिडेवलपमेंट का काम पूरा होने के बाद यात्रियों को नई दिल्ली स्टेशन तक की भागदौड़ से छुटकारा मिल सकता है। आने वाले समय में कई ट्रेनों का ठहराव यहीं हो सकता है और कुछ गाड़ियां इसी स्टेशन से शुरू भी हो सकती हैं, जिससे लोगों को अपने घर के पास से ही ट्रेन मिल सकेगी।
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के रिडेवलपमेंट के बाद रेलवे कुछ ट्रेनों का संचालन गुड़गांव स्टेशन से कर सकता है। इससे नई दिल्ली स्टेशन पर यात्रियों का दबाव घटेगा और एनसीआर के लोगों को सहूलियत मिलेगी।
300 करोड़ की लागत से विश्वस्तरीय रूप
गुड़गांव रेलवे स्टेशन का रिडेवलपमेंट अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत करीब 300 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। स्टेशन को विश्वस्तरीय स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है।
लाखों लोगों को सीधा फायदा
यदि प्रमुख ट्रेनों का संचालन या ठहराव गुड़गांव स्टेशन पर बढ़ाया जाता है, तो गुरुग्राम, मानेसर, सोहना, द्वारका, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिणी दिल्ली के लाखों लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। इससे समय, ईंधन और यात्रा खर्च तीनों में बचत होगी।
रेल मंत्री ने लिया कामकाज का जायजा
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुड़गांव रेलवे स्टेशन के रिडेवलपमेंट कार्य का मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और तय समय पर काम पूरा करने के निर्देश दिए।
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