खुशहाल जिंदगी का राज छिपा है इस किताब में, सेहत-खुशी और तनाव से मुक्ति के मिलेंगे आसान उपाय जीवनशैली एक घंटा पहले 2
डॉ. अंकिता राज की पुस्तक 'स्वास्थ्य एवं खुशियों के क्विक टिप्स' रोजमर्रा के छोटे बदलावों के जरिए स्वस्थ और खुशहाल जीवन जीने का सरल रास्ता बताती है। इसका प्रीफेस उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिखा है।

तेज रफ्तार वाली आज की जिंदगी में लगभग हर व्यक्ति किसी न किसी वजह से तनाव झेल रहा है। स्ट्रेस शब्द सुनने में भले ही बेहद सामान्य लगे, लेकिन यह हमारी सेहत पर किस तरह असर डालता है, इसकी जानकारी अक्सर लोगों को नहीं होती। ऐसे दौर में अपनी सेहत को संभालना और मन से खुश रहना अपने आप में एक बड़ी चुनौती बन चुका है। इसी समस्या के समाधान के रूप में डॉ. अंकिता राज की लिखी पुस्तक "स्वास्थ्य एवं खुशियों के क्विक टिप्स" सामने आई है। इस किताब की सबसे खास बात यह है कि इसका प्रीफेस उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिखा है, जो इस बात की गवाही देता है कि किताब में दिए गए विचार और जानकारियां समाज के लिए बेहद उपयोगी और भरोसेमंद हैं।

किताब की मुख्य बातें और विषय-वस्तु

यह पुस्तक उन लाखों भारतीयों के लिए एक सहज और व्यावहारिक मार्गदर्शिका है, जो अपनी व्यस्त दिनचर्या के बीच सेहत और खुशी की तलाश में हैं—चाहे वे अभिभावक हों, पेशेवर हों या फिर छात्र। किताब का केंद्रीय संदेश यही है कि स्वास्थ्य और खुशी कोई दूर की मंजिल नहीं, बल्कि हमारे रोजमर्रा के छोटे-छोटे फैसलों का नतीजा हैं। 11 अध्यायों में बंटी यह पुस्तक स्वास्थ्य, मानसिक विकास, रिश्ते, आदतें, उत्पादकता, साहस, कार्यकुशलता, सामुदायिक भावना और पारस्परिक कौशल जैसे विषयों को समेटे हुए है। यह असल जिंदगी की कहानियों और शोध पर आधारित सुझावों का बेहतरीन मेल है। अपनी भूमिका के साथ यह पुस्तक केवल एक स्वास्थ्य से जुड़ी किताब नहीं रह जाती, बल्कि एक सामाजिक संकल्प बन जाती है, जो विश्वसनीयता के साथ उन समुदायों तक पहुंचती है जहां असली बदलाव की सबसे ज्यादा जरूरत है।

यह पुस्तक रोजमर्रा की जिंदगी में अपनाए जाने वाले छोटे और आसान नुस्खों का एक अनूठा संग्रह है। इसे मुख्य रूप से चार बड़े स्तंभों पर तैयार किया गया है।

स्वस्थ जीवनशैली के आसान टिप्स

लेखिका ने बेहद सरल भाषा में समझाया है कि किस तरह हम अपने खान-पान, सोने-जागने के समय और दैनिक आदतों में छोटे-छोटे बदलाव करके एक हेल्दी जीवन जी सकते हैं। किताब में ऐसे असरदार उपाय दिए गए हैं जिन्हें आसानी से अपनाया जा सकता है।

मानसिक और शारीरिक संतुलन के उपाय

अक्सर लोग सिर्फ शारीरिक सेहत पर ध्यान देते हैं, लेकिन यह किताब मानसिक स्वास्थ्य को भी उतनी ही अहमियत देती है। मन को शांत रखने, तनाव घटाने और शरीर व दिमाग के बीच बेहतर तालमेल बनाने के सरल तरीके इसमें बताए गए हैं।

प्रेरणादायक और व्यावहारिक सुझाव

इस किताब में केवल सिद्धांतों की भरमार नहीं है, बल्कि ऐसे सुझाव दिए गए हैं जिन्हें पढ़ते ही अगले ही पल अपने जीवन में उतारा जा सकता है। यह पाठक को भीतर से सकारात्मक ऊर्जा से भर देती है।

हर आयु वर्ग के लिए उपयोगी

इस पुस्तक की सबसे अच्छी बात यह है कि इसकी उपयोगिता किसी एक उम्र तक सीमित नहीं है। स्कूल-कॉलेज जाने वाले युवा हों, दफ्तर में काम करने वाले कामकाजी लोग हों या घर के बुजुर्ग—यह किताब हर किसी के लिए समान रूप से मददगार साबित होती है।

किताब का रिव्यू

अगर आप ऐसी किताब की तलाश में हैं जो बिना किसी उलझन के आपको स्वस्थ रहने और खुशहाल जिंदगी जीने की प्रेरणा दे, तो "स्वास्थ्य एवं खुशियों के क्विक टिप्स" आपके बुकशेल्फ़ में जरूर होनी चाहिए। यह खुद पढ़ने के साथ-साथ अपने प्रियजनों को उपहार में देने के लिए भी एक शानदार किताब है। कहते हैं स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन है, और यह पुस्तक उसी धन को संभालने की एक बेहतरीन चाबी है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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