बिहार
एक घंटा पहले
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बिहार के पूर्णिया जिले के पुस्तक प्रेमियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए एक बेहद शानदार खबर सामने आ रही है। शहर में शिक्षा और ज्ञान के स्तर को और बेहतर बनाने के लिए 3 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से एक नया हाईटेक मॉडल स्टेट लाइब्रेरी का शानदार भवन बनकर तैयार हो गया है। इस भव्य और आधुनिक पुस्तकालय के शुरू होने से न केवल पूर्णिया जिले बल्कि आसपास के सीमांचल क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं और पाठकों को पढ़ाई-लिखाई के लिए एक बेहतरीन माहौल मिलेगा। बहुत जल्द इस आधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी को आम जनता और पुस्तक प्रेमियों के लिए खोल दिया जाएगा, जिसके बाद लोग यहाँ आकर आराम से अध्ययन कर सकेंगे।
बिहार की दूसरी बड़ी स्टेट लाइब्रेरी
आपको बता दें कि बिहार राज्य में वर्तमान में केवल दो ही आधिकारिक स्टेट लाइब्रेरी मौजूद हैं। इनमें से पहली राज्य स्तरीय लाइब्रेरी राजधानी पटना में स्थित है, जबकि दूसरी बड़ी स्टेट लाइब्रेरी पूर्णिया के प्रसिद्ध थाना चौक पर स्थित है। अब तक पूर्णिया का यह जिला राज्य पुस्तकालय एक बेहद पुराने और जर्जर हो चुके भवन में चलाया जा रहा था, जिससे यहाँ आने वाले पाठकों को बैठने और पढ़ाई करने में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब स्थानीय प्रशासन और बिहार सरकार के सहयोग से इस ऐतिहासिक लाइब्रेरी को पूरी तरह से नया और हाईटेक रूप दिया जा रहा है। नया मॉडल पुस्तकालय भवन न केवल देखने में आकर्षक है, बल्कि यह अत्याधुनिक सुविधाओं से भी पूरी तरह से लैस है।
मिलेगी वाईफाई और कंप्यूटर जैसी हाईटेक सुविधाएं
पूर्णिया में बनकर तैयार हुए इस नए मॉडल स्टेट लाइब्रेरी के भवन में पाठकों के लिए कई बेहतरीन और आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं। इस अत्याधुनिक पुस्तकालय में मिलने वाली प्रमुख सुविधाएं इस प्रकार हैं:
- पूरे परिसर को हाई-स्पीड वाईफाई जोन बनाया गया है, ताकि छात्र इंटरनेट के माध्यम से ऑनलाइन पढ़ाई कर सकें।
- डिजिटल पढ़ाई और ऑनलाइन शोध के लिए विशेष कंप्यूटर लैब और तकनीकी व्यवस्था की गई है।
- पाठकों और अमूल्य पुस्तकों की सुरक्षा के लिए पूरे भवन में आधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
- छात्रों के बैठने के लिए विशेष आरामदायक कुर्सियां और शांत रीडिंग प्लेस तैयार किया गया है।
- पुस्तकालय परिसर में शुद्ध पेयजल और साफ-सुथरे आधुनिक वॉशरूम की व्यवस्था की गई है।
इस लाइब्रेरी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहाँ केवल आधुनिक डिजिटल सुविधाएं ही नहीं मिलेंगी, बल्कि इसमें सैकड़ों साल पुरानी ऐतिहासिक और दुर्लभ पुस्तकों को भी बेहद वैज्ञानिक तरीके से संरक्षित किया जा रहा है। इससे शोधकर्ताओं और इतिहास में रुचि रखने वाले लोगों को काफी मदद मिलेगी।
दो साल पहले डीएम कुंदन कुमार ने की थी पहल
इस पुस्तकालय को नया जीवन देने और इसे मॉडल लाइब्रेरी बनाने की कहानी काफी दिलचस्प है। पूर्णिया जिला राज्य पुस्तकालय के प्रभारी इंचार्ज अब्दुर रहमान ने इस बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि लगभग दो वर्ष पहले पूर्णिया के तत्कालीन जिलाधिकारी (डीएम) कुंदन कुमार ने जिले के छात्रों के हित में इस ऐतिहासिक लाइब्रेरी के पुनर्निर्माण के लिए एक खास पहल की थी। उनके इसी प्रयास का परिणाम है कि आज पूर्णिया वासियों का यह सपना सच होने जा रहा है। लगभग 3 करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण कार्य अब अपने अंतिम चरण में है और कुछ ही महीनों के भीतर इसका उद्घाटन कर इसे जनता को समर्पित कर दिया जाएगा।
अंतिम चरण में है निर्माण कार्य
इस परियोजना की प्रगति और तकनीकी पहलुओं पर बात करते हुए संबंधित विभाग बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम यानी BSEIDC के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर द्विजेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि भवन के निर्माण का मुख्य काम पूरा हो चुका है। वर्तमान में आंतरिक साज-सज्जा और तकनीकी उपकरणों को स्थापित करने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि बहुत जल्द ही पूर्णिया के लोगों को इस शानदार जिला मॉडल स्टेट लाइब्रेरी की सौगात सौंप दी जाएगी, जिससे आने वाले दिनों में पुस्तक प्रेमियों के लिए यहाँ अध्ययन करना और भी सुविधाजनक होगा।
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