केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के स्टाफ पर गिरी गाज, एक साथ हटाए गए 4 निजी सचिव, दो की सेवाएं भी समाप्त भारत 2 महीने पहले 79
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के सचिवालय में बड़ा प्रशासनिक बदलाव हुआ है, जहां उनके चार निजी सचिवों को अचानक पद से हटा दिया गया है। इस कार्रवाई पर कांग्रेस ने भी तीखे सवाल उठाए हैं।

केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के स्टाफ में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए उनके 4 निजी सचिवों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। इस औचक कार्रवाई के तहत जहां दो अधिकारियों को उनके मूल विभागों में वापस भेज दिया गया है, वहीं दो अन्य अधिकारियों की सेवाएं पूरी तरह से समाप्त कर दी गई हैं। सरकार के इस बड़े कदम के बाद राजनीतिक गलियारों के साथ-साथ प्रशासनिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है।

इन अधिकारियों पर की गई कार्रवाई

मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के तहत जिन चार अधिकारियों पर यह गाज गिरी है, उनकी सूची इस प्रकार है:

  • अमर सिंह: केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के मुख्य निजी सचिव अमर सिंह को उनके पद से हटा दिया गया है और उन्हें वापस उनके मूल कैडर में भेज दिया गया है।
  • शैलेश कुमार सिंह: अतिरिक्त मुख्य सचिव शैलेश कुमार सिंह को समय से पहले ही "एक्सटेंडेड कूलिंग ऑफ" के साथ उनके मूल विभाग में वापस भेज दिया गया है।
  • आयुष सारण: अतिरिक्त निजी सचिव के रूप में कार्यरत आयुष सारण की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं।
  • सिद्धार्थ यादव: सहायक निजी सचिव सिद्धार्थ यादव की सेवाएं भी तुरंत प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं।

कार्रवाई को लेकर गलियारों में चर्चाएं तेज

भूपेंद्र यादव के कार्यालय से एक साथ चार प्रमुख सहयोगियों को हटाए जाने के बाद सोशल मीडिया और प्रशासनिक गलियारों में तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। सूत्रों के हवाले से चर्चा है कि इस सख्त फैसले के पीछे का मुख्य उद्देश्य मंत्रालय के बाकी कर्मचारियों और स्टाफ को एक कड़ा संदेश देना है, ताकि सभी सतर्क और सचेत होकर काम करें। हालांकि, इस अचानक हुई कार्रवाई के पीछे के आधिकारिक कारणों को लेकर अभी तक कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है।

कांग्रेस ने खड़े किए सवाल, साधा निशाना

इस पूरे घटनाक्रम को लेकर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने इस मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया पर एक के बाद एक कई पोस्ट साझा किए और सरकार को घेरा।

जयराम रमेश ने अपने एक बयान में लिखा, "ये किसी से छिपा नहीं है कि मोदी सरकार में इस तरह की नियुक्तियां कैसे की जाती हैं। क्या बिना आग के इतना धुआं उठ सकता है?"

उन्होंने सरकार पर हमला जारी रखते हुए आगे कहा, "भूपेंद्र यादव के मंत्रालय में शासन व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है..मंत्रालय पर्यावरण और वनों की रक्षा करने और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने के मामले में लगभग पूरी तरह विफल रहा है।"

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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