ईरान पर सैन्य कार्रवाई के बाद डोनाल्ड ट्रंप का कड़ा बयान, कहा- सीजफायर अब खत्म, बातचीत करना समय की बर्बादी विश्व एक महीने पहले 67
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ हुए अंतरिम समझौते को पूरी तरह से समाप्त घोषित कर दिया है, जिससे मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ गया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मध्य पूर्व के हालातों पर एक बेहद कड़ा और बड़ा बयान दिया है। बुधवार को मीडिया से बात करते हुए उन्होंने साफ किया कि ईरान के साथ हुआ अंतरिम समझौता अब पूरी तरह से खत्म हो चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस बात की ओर इशारा किया कि अब इस दिशा में और अधिक बातचीत करना निरर्थक साबित हो सकता है।

ट्रंप का दोटूक बयान: बातचीत केवल समय की बर्बादी

युद्धविराम यानी सीजफायर की स्थिति पर बोलते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा, 'मेरे हिसाब से तो यह खत्म हो चुका है। उनसे बात करने में बस समय की बर्बादी है।' ट्रंप ने यह भी जोड़ा कि हालांकि अमेरिकी प्रतिनिधि अभी भी बातचीत की प्रक्रिया को जारी रख सकते हैं, लेकिन उन्हें इसके किसी भी सकारात्मक नतीजे पर गहरा संदेह है। उनके अनुसार, वार्ताकारों को इस निरर्थक चर्चा में अपना समय बर्बाद नहीं करना चाहिए।

नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान आया बयान

डोनाल्ड ट्रंप का यह बेहद आक्रामक बयान तुर्की के अंकारा में आयोजित दो दिवसीय NATO शिखर सम्मेलन के दौरान सामने आया। यह प्रतिक्रिया ठीक उस समय आई, जब अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल टैंकरों पर हुए हमलों का बदला लेने के लिए ईरान पर सीधी सैन्य कार्रवाई की थी। अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि यह जवाबी कार्रवाई ईरान की उकसावे वाली हरकतों को रोकने के लिए बेहद आवश्यक थी।

तनाव की मुख्य वजह और वैश्विक चिंताएं

इस पूरे विवाद की शुरुआत और मौजूदा तनाव के पीछे के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:

  • अमेरिका ने बुधवार तड़के ईरान के ठिकानों पर हवाई हमले किए।
  • इस सैन्य कार्रवाई से ठीक पहले अमेरिका ने ईरान को कच्चे तेल की बिक्री करने की इजाजत देने वाला विशेष व्यापार लाइसेंस रद्द कर दिया था।
  • अमेरिका ने यह सख्त कदम तब उठाया जब ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर हमले शुरू किए।
  • तनाव तब और अधिक बढ़ गया जब ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए बहरीन और कुवैत पर भी हमले कर दिए।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद वैश्विक स्तर पर चिंता की लहर दौड़ गई है। विशेषज्ञों को डर है कि इस सैन्य टकराव के कारण युद्धविराम की कोशिशों को भारी नुकसान पहुंचेगा और पूरा मध्य पूर्व एक बार फिर भयानक संघर्ष की चपेट में आ जाएगा। इसके साथ ही, वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए जीवन रेखा माने जाने वाले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से दुनिया भर में तेल की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया है।

करण मल्होत्रा पाबना के अंतरराष्ट्रीय संवाददाता हैं, जो अमेरिका, यूरोप और एशिया की खबरें रिपोर्ट करते हैं। वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और बड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर वे नजर रखते हैं। उनकी रिपोर्ट्स दुनिया की हलचल को पाठकों तक तेजी से पहुंचाती हैं।

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