अनाज के भाव जस के तस, फिर बस किराया क्यों महंगा? पूर्णिया में यात्री और किसान सरकार से नाराज बिहार एक घंटा पहले 1
1 जून से बसों के किराए में 10 से 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद पूर्णिया में यात्रियों और किसानों की नाराजगी सामने आई है। किसानों का सवाल है कि फसल का दाम नहीं बढ़ा, तो किराया क्यों बढ़ा।

बिहार सरकार की ओर से 1 जून से बस किराए में 10 से 15 प्रतिशत की वृद्धि का असर अब पूर्णिया में खुलकर दिखाई देने लगा है। इस फैसले को लेकर आम लोगों की राय अलग-अलग है। कुछ लोग इसे बढ़ती महंगाई के दौर में जरूरी मान रहे हैं, जबकि कई इसे सीधे अपनी जेब पर पड़ने वाला अतिरिक्त बोझ बता रहे हैं। हालांकि इस पूरे मसले पर पूर्णिया के किसानों ने जो बात उठाई है, वह हर किसी को सोचने पर विवश कर रही है।

अनाज के दाम स्थिर, तो किराया क्यों बढ़ा?

लोकल टीम ने जब पूर्णिया बस स्टैंड पर यात्रियों, बस संचालकों और किसानों से बातचीत की, तो लोगों की पीड़ा साफ झलक उठी। जहां कुछ यात्रियों ने महंगाई को ध्यान में रखते हुए किराया बढ़ाने को सही ठहराया, वहीं मीनू झा, पुष्कर कुमार और राजेश कुमार जैसे रोजाना सफर करने वाले यात्रियों का कहना था कि 10 से 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी आम आदमी के बजट से बाहर है।

सबसे तीखी प्रतिक्रिया किसानों की ओर से आई। उनका कहना है कि सरकार उनकी उपजाई फसलों का तो उचित दाम नहीं बढ़ाती, लेकिन किराया बढ़ाने में जरा भी देर नहीं लगाती। किसानों ने कहा कि अनाज के भाव पहले जैसे ही बने हुए हैं, जबकि हर जरूरी सेवा लगातार महंगी होती जा रही है।

मजबूरी में सफर तो करना ही है

बस स्टैंड पर मौजूद लोगों का कहना था कि सरकारी फैसले से किराया भले बढ़ गया हो, पर लोगों की मजबूरी कम नहीं हुई है। यात्रियों ने कहा कि काम के सिलसिले में सफर तो करना ही पड़ेगा, चाहे किराया कितना भी क्यों न हो जाए।

हालांकि लोगों ने यह भी जोड़ा कि सरकार को 15 से 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी के बजाय सिर्फ 5 प्रतिशत किराया बढ़ाना चाहिए था। उदाहरण के तौर पर जिस रूट का किराया पहले 120 रुपये था, अब उसी के लिए 140 से 150 रुपये तक चुकाने पड़ रहे हैं।

सवारी के इंतजार में खाली खड़ी बसें

किराया बढ़ने का सीधा असर बस ऑपरेटरों पर भी पड़ा है। बस चालकों और कंडक्टरों की मानें तो किराया बढ़ने के बाद यात्रियों की संख्या में भारी गिरावट आई है। पूर्णिया से भागलपुर रूट पर चलने वाली बसों में भी सीटें खाली रह जा रही हैं। संचालकों का कहना है कि अब लोग लंबी दूरी की यात्रा करने से कतराने लगे हैं।

परिवहन अधिकारी का पक्ष

इस मामले पर पूर्णिया के प्रमंडलीय परिवहन अधिकारी प्रतीक कुमार ने कहा कि किराए में बढ़ोतरी सरकार के आदेश के अनुसार ही की गई है। उन्होंने यात्रियों को भरोसा दिलाया कि अलग-अलग रूटों पर परिवहन सेवाएं सुचारू रूप से जारी रहेंगी।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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