बागपत एनकाउंटर: एसटीएफ और पुलिस की घेराबंदी में ढेर हुआ 50 हजार का इनामी बदमाश विपुल उत्तर प्रदेश एक दिन पहले 18
उत्तर प्रदेश के बागपत में पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में एक कुख्यात अपराधी मारा गया है, जिस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। मृतक अपराधी पर हत्या और लूट जैसे तीन दर्जन से अधिक मामले दर्ज थे।

संयुक्त ऑपरेशन में बड़ी सफलता

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अपराधियों के खिलाफ अपनाई जा रही जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत सुरक्षाबलों को एक और बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। बागपत जिले में मेरठ एसटीएफ और स्थानीय पुलिस द्वारा चलाए गए एक साझा अभियान में 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश विपुल उर्फ खूनी का अंत हो गया है। यह मुठभेड़ सिंघावली अहीर थाना क्षेत्र में हुई, जहां पुलिस की जवाबी कार्रवाई में कुख्यात अपराधी ढेर हो गया। पुलिस ने घटनास्थल से दो पिस्टल, एक मोटरसाइकिल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए हैं। इस एनकाउंटर के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद सख्त कर दिया गया है।

कौन था कुख्यात विपुल उर्फ खूनी

बागपत के एसपी सूरज कुमार राय ने मुठभेड़ के बाद विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि मारा गया अपराधी विपुल उर्फ खूनी, नेत्रपाल सिंह का बेटा था और मूल रूप से शामली जिले के कांधला थाना अंतर्गत आने वाले भभीसा गांव का निवासी था। विपुल पर शामली प्रशासन की ओर से 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। वह कुख्यात सुशील मूंछ गैंग का न केवल एक सक्रिय सदस्य था, बल्कि उसे गैंग का शार्प शूटर भी माना जाता था। उस पर हत्या, लूट, डकैती और गैंगस्टर एक्ट समेत कुल 38 से अधिक गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। इलाके में उसका नाम एक बड़ी दहशत का प्रतीक बन चुका था।

अपराधों की लंबी फेहरिस्त

विपुल के आपराधिक इतिहास पर नजर डालें तो उसका नाम कई चर्चित वारदातों में सामने आया था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वर्ष 2014 में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर कुख्यात अपराधी भीम भभीसा की हत्या को अंजाम दिया था। उसी वर्ष पवन हत्याकांड में भी उसकी संलिप्तता सामने आई थी, जिसका मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है। जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद से ही वह अदालती कार्रवाई से बच रहा था और पेश नहीं होने के कारण उसके खिलाफ वारंट भी जारी किए गए थे।

पुलिस के निशाने पर था आरोपी

अपराधी की सक्रियता लगातार बढ़ती जा रही थी, जिसे लेकर पुलिस प्रशासन ने उस पर शिकंजा कस दिया था। वर्ष 2017 में सहारनपुर के मानपुर क्षेत्र में हुई वाहन लूट की वारदात के बाद, पुलिस को जानकारी देने के शक में उसने एक महिला प्रधान की हत्या कर दी थी। इसके अलावा हाल ही में उसने एक पुराने मुकदमे के वादी से केस में हुए खर्च की राशि की मांग की थी और धमकी न मानने पर जान से मारने की चेतावनी दी थी। इस धमकी के मामले में कांधला थाने में उसके खिलाफ नया मुकदमा दर्ज हुआ था। तभी से वह फरार चल रहा था। अंततः बागपत में पुलिस की संयुक्त टीम के साथ हुई मुठभेड़ में उसका अपराधों का सिलसिला थम गया। फिलहाल पुलिस विभाग द्वारा इस पूरे मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही की जा रही है।

सान्वी राणा पाबना के क्राइम एवं राज्य रिपोर्टर हैं, जो अपराध और विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें कवर करते हैं। कानून-व्यवस्था, जांच और बड़ी आपराधिक घटनाओं की वे जिम्मेदार रिपोर्टिंग करते हैं। तथ्यों की पुष्टि और संवेदनशीलता उनके काम की पहचान हैं।

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