कोलकाता हिंसा: छात्रों के प्रदर्शन के नाम पर बवाल करने वाले 11 गिरफ्तार, चौंकाने वाली बात सामने आई पश्चिम बंगाल एक दिन पहले 14
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में हाल ही में हुए छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हिंसा फैलाने वाले 11 लोगों को पुलिस ने दबोचा है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि पकड़े गए इन आरोपियों में से एक भी छात्र नहीं है।

छात्रों के प्रदर्शन की आड़ में सुनियोजित हिंसा

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में छात्रों द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन के बीच हुई हिंसा और उपद्रव के मामले में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने हिंसा फैलाने और ड्यूटी पर तैनात पत्रकारों पर हमला करने के आरोप में कुल 11 असामाजिक तत्वों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ है कि पकड़े गए इन आरोपियों में से एक भी व्यक्ति छात्र नहीं है। ये सभी लोग शनिवार को आयोजित कॉकरोच जनता पार्टी की रैली का हिस्सा थे और वहां जमकर तोड़फोड़ मचा रहे थे। ऐसा प्रतीत होता है कि ये उपद्रवी छात्रों के आंदोलन की आड़ में शहर की शांति और व्यवस्था को बिगाड़ने की साजिश रच रहे थे।

पुलिस का बड़ा खुलासा: कोई भी छात्र नहीं

एडिशनल सीपी (क्राइम) कुणाल अग्रवाल ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि हिंसा और पत्रकारों पर हुए हमलों के मामले में अब तक 11 आरोपियों को पकड़ा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इनमें से कोई भी स्टूडेंट नहीं है। कुणाल अग्रवाल के अनुसार, ये सभी लोग उपद्रवी प्रवृत्ति के हैं जो शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी की रैली में सक्रिय थे और हिंसात्मक गतिविधियों में शामिल पाए गए थे।

गिरफ्तार आरोपियों की सूची

पुलिस ने पकड़े गए सभी 11 आरोपियों के नामों का खुलासा भी किया है। इनमें इरफान खुर्शीद (उम्र 30 साल), अरशद अली उर्फ साजिद (उम्र 50 साल), मो. मोइनुद्दीन (उम्र 26 साल), मो. आलमगीर उर्फ राजू (उम्र 48 साल), इमरान अहमद उर्फ गोपी (उम्र 19 साल), खालिद रजा उर्फ रिंकू (उम्र 47 साल), जमीर अहमद उर्फ मिंकू (उम्र 42 साल), मोहसिन खान (उम्र 30 साल), दीपक भौमिक उर्फ विक्की (उम्र 38 साल) के साथ ही मोहम्मद आजाद और मो. अफरोज शामिल हैं।

फरार होने की कोशिश में थे आरोपी

एडिशनल सीपी कुणाल अग्रवाल ने बताया कि आरोपियों में से मोहम्मद आजाद और मोहम्मद अफरोज ने पश्चिम बंगाल से फरार होने का प्रयास किया था। हालांकि, पुलिस ने उन्हें दुर्गापुर एक्सप्रेसवे पर अंडाल के पास धर दबोचा।

जांच के लिए सीसीटीवी और अन्य साक्ष्यों का सहारा

पुलिस वर्तमान में हिंसा में शामिल अन्य उपद्रवियों की पहचान करने में जुटी है। घटना के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, मोबाइल वीडियो और मीडिया फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया जा रहा है। पुलिस ने साफ तौर पर कहा है कि कानून को अपने हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, दूसरी ओर दिल्ली के जंतर-मंतर पर एनडीएमसी के 500 से ज्यादा सफाईकर्मी तैनात किए गए हैं, जो कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के बाद वहां फैले निशानों को मिटाने का काम कर रहे हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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