पुणे के सिंहगढ़ किले पर पर्यटकों से बदसलूकी: शॉर्ट्स पहनने पर भड़के दक्षिणपंथी संगठन के कार्यकर्ता, महिलाओं समेत 8 लोगों पर मामला दर्ज महाराष्ट्र एक घंटा पहले 3
महाराष्ट्र के पुणे स्थित ऐतिहासिक सिंहगढ़ किले पर घूमने आए पर्यटकों के कपड़ों को लेकर मारपीट का मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने इस घटना के संबंध में समस्त हिंदू बांधव आर्मी के आठ सदस्यों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

पुणे के ऐतिहासिक सिंहगढ़ किले में घूमने गए कुछ पर्यटकों के लिए वीकेंड का सफर बेहद डरावना साबित हुआ। यहां घूमने आए पर्यटकों के पहनावे को लेकर कुछ लोगों ने जमकर हंगामा किया और बात मारपीट तक पहुंच गई। पुलिस के मुताबिक, शॉर्ट्स यानी छोटे कपड़े पहनने की बात पर कुछ पर्यटकों के साथ कथित तौर पर हाथापाई की गई और उन्हें डराया-धमकाया गया। रविवार को दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:00 बजे के बीच हुई इस घटना में चार अलग-अलग पर्यटक समूहों को निशाना बनाया गया। इस पूरी घटना के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।

दक्षिणपंथी संगठन के सदस्यों पर मारपीट का आरोप

पुणे ग्रामीण पुलिस ने इस मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि पर्यटकों के साथ बदसलूकी और मारपीट की इस घटना के पीछे समस्त हिंदू बांधव आर्मी नामक संगठन के सदस्य शामिल थे। पुलिस ने इस मामले में संगठन के कुल आठ सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस हिंसक घटना को अंजाम देने वालों में तीन महिलाएं भी शामिल हैं, जिन्होंने पर्यटकों के साथ मारपीट करने और उन्हें अपमानित करने में सक्रिय भूमिका निभाई। पुलिस फिलहाल इन सभी आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।

तान्हाजी मालुसरे स्मारक से लौटते समय हुआ हमला

इस पूरी घटना का खुलासा तब हुआ जब एक निजी कंपनी के 39 वर्षीय वरिष्ठ मैनेजर ने हवेली पुलिस थाने में पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित ने अपनी शिकायत में बताया कि वह रविवार को अपने परिवार और दोस्तों के साथ सिंहगढ़ किले के दीदार के लिए गए थे। जब वे किले के ऐतिहासिक वीर तानाजी मालुसरे के स्मारक के दर्शन कर वापस लौट रहे थे, तभी कुछ अज्ञात लोगों ने उनका रास्ता रोक लिया।

शिकायतकर्ता के अनुसार, उन लोगों ने सबसे पहले उनके द्वारा पहने गए शॉर्ट्स पर आपत्ति जताई। पहनावे को लेकर बहस इतनी बढ़ गई कि आरोपियों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। पीड़ित का आरोप है कि भीड़ में शामिल तीन पुरुषों ने उन्हें सरेआम थप्पड़ मारे। इतना ही नहीं, जब उनकी पत्नी ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, तो आरोपियों में शामिल एक महिला ने उनकी पत्नी के साथ भी खींचतान की और बेहद अभद्र व्यवहार किया। इस दौरान हमलावर उन्हें पारंपरिक संस्कृति का पाठ पढ़ा रहे थे और उसके नियमों का पालन करने की हिदायत देते हुए लगातार चिल्ला रहे थे।

कुल चार अलग-अलग समूहों को बनाया गया निशाना

पीड़ित परिवार इस भयावह घटना से बेहद डर गया और वे किसी तरह वहां से बचकर किले की तलहटी में पहुंचे, जहां उन्होंने पुलिस कर्मियों को इस पूरी आपबीती की जानकारी दी। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि सिंहगढ़ किले पर केवल इसी एक परिवार के साथ ऐसी घटना नहीं हुई थी, बल्कि कई अन्य पर्यटकों को भी इसी तरह के दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा था।

पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, उसी दिन किले पर आए तीन अन्य पर्यटक समूहों को भी इसी तरह निशाना बनाया गया था। इन सभी घटनाओं में एक बात बिल्कुल एक जैसी थी कि सभी पर्यटकों को कपड़ों के मुद्दे पर रोका गया, उनके पहनावे पर सवाल खड़े किए गए और फिर उनके साथ हिंसक व्यवहार किया गया। पीड़ित पर्यटकों में एक अन्य महिला भी शामिल थीं, जिनके साथ बदसलूकी की गई। कुछ पर्यटकों ने आरोप लगाया कि उन्हें जबरन थप्पड़ मारे गए, जबकि कुछ पर्यटकों पर प्लास्टिक की छड़ों से हमला किया गया और उन्हें गंभीर रूप से घायल करने की धमकी दी गई।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, पुलिस ने शुरू की धरपकड़

इस बीच, सिंहगढ़ किले पर हुई इस झड़प और मारपीट के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह पर्यटकों और हमलावरों के बीच धक्का-मुक्की और हाथापाई हो रही है। इस घटना के सामने आने के बाद ऐतिहासिक स्थलों पर घूमने आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं और लोगों में भय का माहौल बना हुआ है।

कानूनी कार्रवाई के बारे में जानकारी देते हुए हवेली पुलिस थाने के प्रभारी निरीक्षक राजेश रामाघरे ने बताया कि पुलिस ने घटना की गंभीरता को देखते हुए विभिन्न कानूनी धाराओं के तहत मामला पंजीकृत किया है। आरोपियों के खिलाफ निम्नलिखित आरोपों के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है:

  • दंगा भड़काने और गैरकानूनी रूप से इकट्ठा होने की धाराएं
  • स्वेच्छा से चोट पहुंचाने और मारपीट करने से जुड़ी धाराएं
  • आपराधिक रूप से डराने-धमकाने और गाली-गलौज करने के आरोप
  • शांति भंग करने और महिलाओं के साथ अभद्रता करने से संबंधित प्रावधान

इंस्पेक्टर राजेश रामाघरे ने आगे बताया कि पुलिस ने मामले में नामजद सभी आठों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस टीमों का गठन किया है और उन्हें विभिन्न ठिकानों पर रवाना कर दिया गया है। इन फरार आरोपियों में तीन महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस घटना के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है और किले पर लगे कैमरों व वायरल वीडियो के जरिए अन्य संदिग्धों की भी पहचान करने की कोशिश कर रही है। पुलिस का कहना है कि किसी भी नागरिक को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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