महाराष्ट्र
एक घंटा पहले
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महाराष्ट्र के पुणे जिले से एक बेहद डराने वाली खबर सामने आई है। यहां पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका के अंतर्गत आने वाले मोशी कचरा डिपो परिसर में एक तीन मंजिला इमारत अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गई। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना के वक्त इमारत के भीतर कई लोगों के मौजूद होने की जानकारी मिली थी, जिसके बाद मलबे में करीब 15 लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही थी। हालांकि, राहत की बात यह है कि समय रहते सभी को सुरक्षित निकाल लिया गया है।
युद्धस्तर पर चलाया गया बचाव अभियान
हादसे की भयावहता को देखते हुए प्रशासनिक अमला तुरंत हरकत में आ गया। स्थानीय पुलिस, पुणे आपदा प्रबंधन विभाग और दमकल विभाग की गाड़ियां बिना कोई वक्त गंवाए घटनास्थल पर पहुंच गईं। मलबे को हटाने और फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने के लिए युद्धस्तर पर बचाव कार्य शुरू किया गया।
पिंपरी-चिंचवड़ के मेयर रवि लांडगे ने इस हादसे के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि जब इमारत का स्लैब गिरा, उस समय दफ्तर के कर्मचारी अंदर बैठकर अपना दोपहर का खाना खा रहे थे। अचानक हुए इस हादसे के बीच दो कर्मचारी किसी तरह खुद ही बाहर निकलने में सफल रहे। इसके बाद मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीमों ने मलबे में फंसे बाकी लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू किया। मेयर लांडगे ने राहत की खबर देते हुए पुष्टि की है कि मलबे में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है और इस हादसे में किसी भी व्यक्ति की जान नहीं गई है।
लगातार हो रही बारिश से बिगड़े हालात
यह दर्दनाक हादसा ऐसे समय में हुआ है जब पूरा महाराष्ट्र मॉनसून की भारी बारिश की चपेट में है। पुणे और उसके आसपास के पिंपरी-चिंचवड़ इलाकों में पिछले एक सप्ताह से लगातार मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी है। लगातार हो रही इस बारिश के कारण कई जगहों पर जलभराव और बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
प्रशासन ने ऐहतियात बरतते हुए बाढ़ की आशंका वाले संवेदनशील क्षेत्रों से 6,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी आईएमडी द्वारा लगातार भारी बारिश की चेतावनी और ऑरेंज अलर्ट जारी किए जाने के बाद पुणे के कई हिस्सों में स्कूल और कॉलेज बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। आंकड़ों के अनुसार, इस साल जुलाई के पहले हफ्ते में ही जिले में पूरे महीने की औसत बारिश से अधिक पानी बरस चुका है।
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