नौसेना को मिले 3 नए स्वदेशी युद्धपोत, प्रधानमंत्री मोदी बोले- मेकर बनने से ही बनेंगे डिसीजन मेकर भारत एक महीने पहले 49
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय नौसेना को तीन स्वदेशी युद्धपोत सौंपते हुए कहा कि भारत अब केवल रक्षा उपकरणों का खरीदार नहीं, बल्कि निर्माता बनना चाहता है।

समुद्री ताकत और आत्मनिर्भरता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को भारतीय नौसेना को तीन नए स्वदेशी युद्धपोत सौंपे। इनमें स्टील्थ फ्रिगेट दूनागिरि, सर्वेक्षण पोत संशोधक और पनडुब्बी रोधी युद्धपोत अग्रय शामिल हैं। कोलकाता में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि किसी भी देश की आर्थिक और रणनीतिक मजबूती के लिए उसकी समुद्री क्षमताएं निर्णायक होती हैं। उन्होंने कहा कि भारत अब वैश्विक सुरक्षा के परिदृश्य को समझते हुए अपनी समुद्री ताकत को तेजी से बढ़ा रहा है।

भारत का लक्ष्य: खरीदार से निर्माता बनना

प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत अब केवल हथियारों और रक्षा उपकरणों का बाजार बनकर नहीं रहना चाहता। उन्होंने बताया कि आईएनएस विक्रांत के बाद से भारत ने रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी निर्माण को प्राथमिकता दी है। प्रधानमंत्री के अनुसार, जिस दिन भारत रक्षा उपकरणों का 'मेकर' यानी निर्माता बन जाएगा, उसी दिन वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 'डिसीजन मेकर' की भूमिका में भी आ जाएगा। इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए पिछले कुछ वर्षों में 40 से अधिक मेड-इन-इंडिया युद्धपोत और पनडुब्बियां नौसेना में शामिल की गई हैं।

45 बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम जारी

प्रधानमंत्री ने बताया कि वर्तमान में नौसेना के लिए 45 बड़े नेवल प्लेटफॉर्म का निर्माण देश के भीतर ही किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह संख्या केवल आंकड़े नहीं, बल्कि भारत की बढ़ती औद्योगिक क्षमता का प्रमाण है। उन्होंने आगे जोड़ा कि मैरीटाइम सेक्टर भविष्य में भारत के लिए रोजगार का बड़ा जरिया बनेगा। एक आधुनिक जहाज के निर्माण में हजारों कंपनियों और युवाओं की मेहनत लगती है, जिससे अर्थव्यवस्था को गति मिलती है।

आत्मनिर्भर भारत की निरंतर यात्रा

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने आईएनएस अग्रय, आईएनएस दूनागिरी और आईएनएस संशोधक को भारत की आत्मनिर्भरता की यात्रा का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि 21 जून को वर्ल्ड हाइड्रोग्राफी डे के अवसर पर सबसे उन्नत हाइड्रोग्राफी जहाज आईएनएस संशोधक को कमीशन करना एक सुखद संयोग है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में भारत अपनी समुद्री सीमाओं की रक्षा के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर एक मजबूत शक्ति के रूप में उभरेगा।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप