देश के तीन हाईकोर्ट को मिलेंगे नए मुख्य न्यायाधीश, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने सिफारिशें भेजीं राष्ट्रीय राजनीति 4 घंटे पहले 4
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने राजस्थान, मध्य प्रदेश और जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट के लिए नए मुख्य न्यायाधीशों के नामों की सिफारिश की है।

कॉलेजियम ने जजों के नाम किए तय

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने देश के तीन महत्वपूर्ण उच्च न्यायालयों में मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति को लेकर एक बड़ा निर्णय लिया है। कॉलेजियम ने 31 अगस्त को आयोजित अपनी बैठक में तीन मौजूदा हाईकोर्ट जजों को पदोन्नत करते हुए उन्हें अलग-अलग हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की है। इस निर्णय का उद्देश्य देश की न्यायिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करना है।

कौन कहां संभालेगा जिम्मेदारी

कॉलेजियम की ओर से जारी आधिकारिक विवरण के अनुसार, इन जजों के नामों और उनके लिए प्रस्तावित हाईकोर्ट की सूची इस प्रकार है:

  • जस्टिस संजय के. अग्रवाल: वर्तमान में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में कार्यरत जस्टिस संजय के. अग्रवाल को राजस्थान हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश की गई है।
  • जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे: गुजरात हाईकोर्ट के जज जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाने का प्रस्ताव रखा गया है।
  • जस्टिस डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी: राजस्थान हाईकोर्ट के मौजूदा जज जस्टिस डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश की गई है।

अगली प्रक्रिया क्या होगी

कॉलेजियम द्वारा इन तीन नामों की सिफारिश किए जाने के बाद, अब गेंद केंद्र सरकार के पाले में है। केंद्र सरकार अब आगे की निर्धारित प्रक्रिया को पूरा करेगी। एक बार जब केंद्र सरकार इन सिफारिशों पर अपनी मंजूरी दे देती है और राष्ट्रपति द्वारा नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी हो जाती है, तब इन नियुक्तियों को लेकर औपचारिक अधिसूचना जारी की जाएगी। इस अधिसूचना के आने के बाद ही संबंधित हाईकोर्ट को अपने नए मुख्य न्यायाधीश मिल जाएंगे।

न्यायपालिका के लिए महत्वपूर्ण कदम

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम का यह निर्णय न्यायपालिका के प्रशासनिक और कार्यात्मक ढांचे के दृष्टिकोण से काफी अहम माना जा रहा है। राजस्थान, मध्य प्रदेश और जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख जैसे महत्वपूर्ण राज्यों के न्यायिक क्षेत्रों में लंबे समय से शीर्ष पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया को गति देने के लिए यह कदम उठाया गया है। इससे इन हाईकोर्ट में प्रशासनिक कार्यों और न्यायिक फैसलों में तेजी आने की उम्मीद है। देश भर की नजरें अब केंद्र सरकार की ओर से आने वाली औपचारिक मुहर पर टिकी हैं, जिसके बाद न्यायिक रिक्तियों का यह बड़ा हिस्सा भर जाएगा।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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