अंबिकापुर: छात्रा की आत्महत्या मामले में NSUI नेता गिरफ्तार, निजी वीडियो से ब्लैकमेल करने का है आरोप छत्तीसगढ़ एक घंटा पहले 3
छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में बीए की छात्रा द्वारा फांसी लगाकर जान देने के मामले में पुलिस ने एनएसयूआई नेता को हिरासत में लिया है। परिजनों का दावा है कि आरोपी लगातार छात्रा को निजी चैट और वीडियो के जरिए धमका रहा था।

अंबिकापुर में छात्रा ने दी जान

छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर से एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहां बीए प्रथम वर्ष की एक छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। इस मामले ने स्थानीय स्तर पर बड़ा तूल पकड़ लिया है। मृतका की पहचान 19 वर्षीय अंतरा शाह के रूप में हुई है, जो मूल रूप से एमसीबी जिले के चिरमिरी गोदरीपारा की निवासी थी। वह अंबिकापुर के पीजी कॉलेज में उच्च शिक्षा हासिल कर रही थी और शहर के पटपरिया इलाके में अपनी बड़ी बहन के घर पर रहकर पढ़ाई कर रही थी।

घटना का खुलासा और पुलिस कार्रवाई

प्राप्त जानकारी के अनुसार, अंतरा 10 सितंबर को कॉलेज से वापस आने के बाद खाना खाकर अपने कमरे में सोने चली गई थी। अगले दिन यानी 11 सितंबर की सुबह जब वह अपने बिस्तर पर नहीं मिली, तो घर वालों ने उसकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान, परिजनों को घर के बाथरूम की खिड़की से उसका शव फांसी के फंदे पर लटका मिला। इस दुखद घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गांधीनगर थाना में मामला दर्ज किया और एनएसयूआई के छात्र नेता ज्ञान तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है।

ब्लैकमेलिंग का गंभीर आरोप

इस आत्महत्या के मामले में छात्रा के परिजनों और उसकी सहेलियों ने आरोपी ज्ञान तिवारी पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि आरोपी छात्र नेता के पास अंतरा की कुछ निजी चैट और वीडियो मौजूद थे। इन सामग्रियों का इस्तेमाल कर वह छात्रा को लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था और परिजनों को सार्वजनिक करने की धमकी दे रहा था। माना जा रहा है कि इसी ब्लैकमेलिंग और निरंतर हो रही मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर छात्रा ने मौत को गले लगाने जैसा आत्मघाती कदम उठाया।

पार्टी से निष्कासन और मोबाइल बरामदगी

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कांग्रेस के जिला अध्यक्ष ने आरोपी ज्ञान तिवारी को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और छात्र विंग से तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पुलिस ने परिजनों की लिखित शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का अपराध पंजीबद्ध किया है। जांच के अगले चरण में, पुलिस ने मृतका का मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया है, ताकि डिजिटल सबूतों का मिलान किया जा सके और ब्लैकमेलिंग के इस पूरे मामले की सच्चाई तक पहुंचा जा सके। फिलहाल आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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