रिशु श्री टेंडर घोटाला: IAS संजीव हंस का SVU एडीजी को चार पन्नों का पत्र, FIR पर खड़े किए सवाल बिहार एक महीने पहले 19
रिशु श्री टेंडर घोटाले में फंसे आईएएस अधिकारी संजीव हंस ने एसवीयू एडीजी पंकज दराद को पत्र लिखकर अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को आधारहीन बताया है। उन्होंने दावा किया है कि पर्याप्त साक्ष्य और प्रारंभिक जांच के बिना ही उन्हें आरोपी बना दिया गया।

रिशु श्री टेंडर घोटाला मामले में चर्चा का केंद्र बने आईएएस अधिकारी संजीव हंस ने अब आधिकारिक तौर पर अपना पक्ष रखा है। उन्होंने इस सिलसिले में एसवीयू (विशेष निगरानी इकाई) के एडीजी पंकज दराद को एक पत्र भेजा है, जिसमें अपने खिलाफ की जा रही कार्रवाई पर कई गंभीर आपत्तियां दर्ज की गई हैं।

चार पन्नों के पत्र में रखा पक्ष

संजीव हंस ने एसवीयू एडीजी को कुल चार पन्ने का पत्र लिखा है। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने जांच एजेंसी के समक्ष अपनी बात विस्तार से रखी और अपने ऊपर दर्ज प्राथमिकी (एफआईआर) को लेकर सवाल उठाए। उनका कहना है कि बिना पर्याप्त साक्ष्य और बिना किसी प्रारंभिक जांच के गलत तरीके से उन्हें इस मामले में अभियुक्त बना दिया गया है।

अदालती फैसलों का दिया हवाला

पत्र में संजीव हंस ने तथ्यात्मक आधार पर अपनी दलील पेश की है। उन्होंने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय द्वारा वर्ष 2024 में दर्ज की गई ईसीआईआर (ECIR) जिस मामले पर आधारित थी, वह रूपसपुर थाना कांड संख्या 18/2023 था। इस थाना कांड को पटना हाईकोर्ट पहले ही निरस्त कर चुका है।

उन्होंने आगे लिखा कि इस मामले से जुड़ी अपील को बाद में सर्वोच्च न्यायालय ने भी खारिज कर दिया था। इसके बावजूद उन्हीं तथ्यों के आधार पर एक नई एफआईआर दर्ज कर उन्हें फिर से आरोपी बना दिया गया, जिसे लेकर उन्होंने कड़ा एतराज जताया है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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