आरसीपी सिंह की जेडीयू में वापसी की चर्चा, क्या नीतीश कुमार ने दरवाजे बंद कर लिए हैं? बिहार एक महीने पहले 35
बिहार की राजनीति में आरसीपी सिंह और नीतीश कुमार की मुलाकात ने नई चर्चाओं को जन्म दिया है। पूर्व भरोसेमंद साथी की यह कोशिश क्या जेडीयू में उनकी वापसी का रास्ता साफ करेगी?

राजनीति में बदलती तस्वीरों के मायने

बिहार की सियासत में प्रतीकों और तस्वीरों का बड़ा महत्व है। यहां अक्सर एक तस्वीर उन शब्दों से ज्यादा बयां कर देती है जो नेताओं की जुबान पर नहीं होते। जेडीयू की राजनीति में जो घटनाक्रम हाल ही में देखने को मिला, वह इसी बात का प्रमाण है कि सत्ता के गलियारों में कोई भी रास्ता हमेशा के लिए बंद नहीं होता।

आरसीपी सिंह का बदलता अंदाज

एक समय था जब आरसीपी सिंह नीतीश कुमार के सबसे करीबी और भरोसेमंद सिपहसालारों में गिने जाते थे। उस दौर में आरसीपी सिंह के कमरे के बाहर जेडीयू के दिग्गज नेताओं और कार्यकर्ताओं की लंबी कतारें लगी रहती थीं। लेकिन समय का पहिया ऐसा घूमा कि शनिवार को स्थिति पूरी तरह बदली हुई नजर आई। आरसीपी सिंह को आम कार्यकर्ताओं के साथ कतार में बैठकर नीतीश कुमार से मिलने का इंतजार करते देखा गया। यह दृश्य बिहार की बदली हुई राजनीतिक हकीकत को दर्शाने के लिए काफी है।

क्या वापसी की है कोशिश?

7 सर्कुलर रोड पर हुई इस मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है। यह मुलाकात स्पष्ट रूप से संकेत देती है कि आरसीपी सिंह पार्टी में अपनी पुरानी जगह तलाशने या कम से कम वापसी की राह बनाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, बड़ा सवाल अब भी यही बना हुआ है कि क्या नीतीश कुमार और जेडीयू नेतृत्व उन्हें फिर से अपनाने को तैयार है। क्या यह मुलाकात केवल शिष्टाचार थी या इसके पीछे कोई गहरी राजनीतिक पटकथा लिखी जा रही है, यह आने वाला वक्त ही साफ करेगा।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप