बिहार
एक दिन पहले
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गिरफ्तारी के बाद जेल भेजे गए तेज प्रताप यादव
राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव को पटना के बेऊर जेल भेज दिया गया है। उनकी गिरफ्तारी के बाद से ही पूरे राज्य में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। उनके कानूनी सलाहकार ने दावा किया है कि जिस समय पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया, उस वक्त गिरफ्तारी का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया था। बाद में मामले में बीएनएस की धारा 109 यानी हत्या के प्रयास का आरोप जोड़ा गया, जिसने इस विवाद को और गंभीर बना दिया है। फिलहाल यह सवाल हर किसी की जुबान पर है कि आखिर तेज प्रताप पर इतना गंभीर आरोप क्यों लगाया गया है और इस कार्रवाई का आधार क्या है।
वीणा मानवी का पुलिस पर तीखा हमला
तेज प्रताप की गिरफ्तारी के बाद जनशक्ति जनता दल की नेता वीणा मानवी ने पुलिस के तौर तरीकों पर कड़ा प्रहार किया है। उनका तर्क है कि अगर तेज प्रताप ने प्रदर्शन के दौरान कोई अपराध किया था, तो पुलिस उन्हें घटनास्थल से ही हिरासत में ले सकती थी। उन्होंने पूछा है कि जब वे प्रदर्शन स्थल पर मौजूद थे, तब उन्हें क्यों नहीं पकड़ा गया? वीणा मानवी का कहना है कि जब तेज प्रताप अपने निजी समय में सिटी सेंटर मॉल में घूम रहे थे, तब उन्हें वहां से गिरफ्तार करना और उस समय गिरफ्तारी का ठोस कारण न बताना पुलिस की मंशा पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने इसे एक सोची-समझी राजनीतिक कार्रवाई करार दिया है और दावा किया है कि पुलिस अधिकारी ऊपर के दबाव में काम कर रहे हैं, हालांकि इन आरोपों की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।
प्रदर्शन और गिरफ्तारी का पूरा घटनाक्रम
यह सारा मामला 25 जुलाई की घटनाओं से जुड़ा है। उस दिन पटना में नीट पेपर लीक और छात्रों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में बिहार बंद का आह्वान किया गया था। तेज प्रताप यादव ने रामगुलाम चौक पर पहुंचकर प्रदर्शनकारी छात्रों का समर्थन किया था। उस दौरान पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था, लेकिन कुछ समय बाद ही उन्हें छोड़ दिया गया। दिन भर के घटनाक्रम के बाद लगा कि स्थिति सामान्य हो गई है, लेकिन शाम को करीब 7.30 बजे एक नया मोड़ आया। उस समय तेज प्रताप पटना के सिटी सेंटर मॉल में मौजूद थे, तभी अचानक पुलिस की एक टीम वहां पहुंची और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस का दावा है कि यह कार्रवाई प्रदर्शन के दौरान हुई कथित हिंसा, तोड़फोड़ और आगजनी से जुड़ी है।
धारा 109 का आधार क्या है
तेज प्रताप के वकील जगन्नाथ सिंह का कहना है कि उनके मुवक्किल पर बीएनएस की धारा 109 यानी हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है। जब वकील गिरफ्तारी का कारण जानने के लिए नौबतपुर थाने पहुंचे, तो उन्हें तुरंत प्राथमिकी की प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई। वकील के अनुसार, पुलिस ने शुरुआती दौर में यह बताया कि प्राथमिकी गांधी मैदान थाने से आई है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर पुलिस ने किस आधार पर हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धारा लगाई है। क्या इस प्रदर्शन के दौरान किसी पुलिसकर्मी या आम नागरिक की जान को वास्तविक खतरा उत्पन्न हुआ था? या फिर यह हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले को घुमा-फिराकर गंभीर धारा के तहत पेश करने की कोशिश है? इन सवालों के जवाब फिलहाल पुलिस के आधिकारिक बयान के आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगे।
पुलिस का दावा और साक्ष्यों की तलाश
विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के जरिए यह जानकारी सामने आई है कि पुलिस ने प्रदर्शन स्थल के सीसीटीवी फुटेज को बारीकी से खंगाला है। पुलिस का दावा है कि इन फुटेज में तेज प्रताप की भूमिका के संबंध में उन्हें कुछ महत्वपूर्ण सबूत मिले हैं। हालांकि, पुलिस की ओर से अभी तक आरोपों का कोई विस्तृत आधिकारिक विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है। वर्तमान स्थिति यह है कि एक तरफ पुलिस का पक्ष है जो इस कार्रवाई को शांति भंग करने और हिंसा फैलाने से जोड़ रहा है, तो दूसरी तरफ तेज प्रताप के समर्थक और वकील इसे गिरफ्तारी की प्रक्रिया और धाराओं के गलत इस्तेमाल के रूप में देख रहे हैं।
न्यायिक हिरासत और कानूनी प्रक्रिया
गिरफ्तारी के बाद तेज प्रताप यादव को सक्षम मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया था, जहां से उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। फिलहाल वे पटना के बेऊर जेल में बंद हैं। उनके कानूनी दल ने अदालत में रिहाई के लिए याचिका दाखिल की है और वे अब जमानत के लिए आगे की कानूनी प्रक्रिया का पालन कर रहे हैं। जिस तरह से यह मामला सामने आया है और जिस गति से पुलिस ने गिरफ्तारी और जेल भेजने की प्रक्रिया पूरी की है, उसने विपक्ष और समर्थकों के मन में कई शंकाएं पैदा कर दी हैं। अब सबकी नजरें इस पर टिकी हैं कि कोर्ट में पुलिस की ओर से इन गंभीर आरोपों के समर्थन में क्या दलीलें पेश की जाती हैं और क्या यह मामला आगे चलकर कानूनी रूप से टिक पाएगा या नहीं।
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