लखनऊ में खुलेगा क्लीन प्लांट सेंटर, किसानों को मिलेंगे रोगमुक्त पौधे उत्तर प्रदेश 2 महीने पहले 92
लखनऊ में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में बागवानी को बढ़ावा देने के लिए नए क्लीन प्लांट सेंटर की घोषणा की। साथ ही, किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजनाओं को मंजूरी दी गई।

बागवानी को मिलेगा नया आधार

उत्तर प्रदेश के बागवानी क्षेत्र में बड़ी क्रांति की तैयारी शुरू हो गई है। लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में प्रदेश के कृषि विकास को लेकर कई बड़े फैसले लिए गए, जिसमें लखनऊ में 'क्लीन प्लांट सेंटर' की स्थापना मुख्य है। इस केंद्र के माध्यम से किसानों को गुणवत्तापूर्ण और रोगमुक्त पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे उनकी आय में इजाफा होगा और उद्यानिकी के क्षेत्र में प्रदेश नई ऊंचाइयां छुएगा।

किसानों के लिए सरकारी राहत

बैठक में किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए कई अहम निर्णय लिए गए:

  • चना, मसूर और सरसों की सरकारी खरीद की अवधि को आगे बढ़ाने की मंजूरी दी गई है।
  • प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अगले चरण के लिए 6,18,482 पात्र लाभार्थियों की सूची मुख्यमंत्री को सौंपी गई।
  • प्रदेश में कृषि क्षेत्र को तकनीक से जोड़ने और उत्पादकता बढ़ाने पर जोर दिया गया है।

विकसित कृषि का रोडमैप

बैठक के दौरान भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) द्वारा 'विकसित कृषि 2047: उत्तर प्रदेश कार्ययोजना' पेश की गई। इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था को वर्तमान के 7.41 ट्रिलियन रुपये से बढ़ाकर वर्ष 2047 तक 96.96 ट्रिलियन रुपये तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। कृषि वृद्धि दर को 3.19 प्रतिशत से बढ़ाकर 5.41 प्रतिशत तक पहुंचाने की रणनीति तैयार की गई है।

तकनीक और आधुनिक खेती पर जोर

केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि अब केवल उत्पादन बढ़ाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि उत्पादकता और मूल्य संवर्धन पर ध्यान देना होगा। कार्ययोजना में निम्नलिखित सुझाव दिए गए हैं:

  • खेती में AI, ड्रोन और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) का व्यापक उपयोग।
  • साल 2047 तक कृषि यंत्रीकरण को 75 प्रतिशत तक ले जाना।
  • फसल विविधीकरण को अपनाना ताकि किसान केवल धान-गेहूं पर निर्भर न रहें।
  • एकीकृत कृषि प्रणाली के जरिए किसानों की आय में 109 प्रतिशत से 162 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की संभावना।

अन्य महत्वपूर्ण अपडेट

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने जानकारी दी कि FDR तकनीक के उपयोग से राज्य ने लगभग 1,000 करोड़ रुपये की बचत की है। इसके अतिरिक्त, जल संरक्षण को मिशन मोड में चलाने और उर्वरकों की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने का आश्वासन केंद्रीय मंत्री द्वारा दिया गया। बैठक में कृषि के साथ-साथ डेयरी, मत्स्य पालन और मधुमक्खी पालन जैसे क्षेत्रों को भी ग्रामीण रोजगार के नए इंजन के रूप में विकसित करने पर सहमति बनी।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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