खान सर की कोचिंग पर सील का खतरा, फायर ब्रिगेड के डीआईजी ने बताई असली वजह बिहार एक घंटा पहले 5
फायर ब्रिगेड के डीआईजी मनोज कुमार नट के मुताबिक पटना में खान सर की कोचिंग ऑडिट के दौरान कई मानकों पर खरी नहीं उतरी, जिसके चलते उसे सील किया जा सकता है। इसी बीच कोचिंग विवाद और फायरिंग मामले में खान सर पर कानूनी शिकंजा भी कसता जा रहा है।

पटना में मशहूर शिक्षक खान सर की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। ताजा घटनाक्रम में अब उनकी कोचिंग पर सील लगने का खतरा मंडराने लगा है। फायर ब्रिगेड के डीआईजी मनोज कुमार नट ने जानकारी दी है कि पटना स्थित खान सर की कोचिंग को सील किया जा सकता है। उनके अनुसार ऑडिट के दौरान संस्थान में मानकों से जुड़ी कई खामियां सामने आई हैं और तय मानदंडों का पालन न होने की स्थिति में कोचिंग को सील कर दिया जाएगा।

राज्यपाल ने की अग्नि सुरक्षा पर समीक्षा बैठक

इसी बीच बिहार के राज्यपाल जनरल सैयद अता हसनैन भी सक्रिय हो गए हैं और उन्होंने अग्नि सुरक्षा को लेकर एक अहम बैठक की है। इस बैठक में राज्य के अस्पतालों और होटलों में अग्नि सुरक्षा ऑडिट तथा सुरक्षा मानकों के अनुपालन की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की गई।

बैठक में जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए सेमिनार आयोजित करने का फैसला भी लिया गया। इस सेमिनार में बीएसडीएमए, विभिन्न विभागों, अस्पतालों, होटलों, शहरी स्थानीय निकायों और एनडीएमए के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।

2 जून की रात से शुरू हुआ था विवाद

पटना के इस चर्चित कोचिंग विवाद की शुरुआत 2 जून की रात को हुई थी। कदमकुआं थाना क्षेत्र के मुसल्लहपुर हाट स्थित कोचिंग कैंपस में उस रात जमकर बवाल हुआ था। इसी प्रकरण में दर्ज फायरिंग के मामले में पुलिस ने खान ग्लोबल स्टडीज के संचालक फैजल खान उर्फ खान सर को आरोपी बनाया है।

प्राथमिकी दर्ज होने के बाद शुक्रवार रात पुलिस की टीमें कई बार उनके कोचिंग संस्थान पहुंचीं, लेकिन वहां बड़ी संख्या में छात्रों के मौजूद रहने के कारण गिरफ्तारी नहीं हो सकी। जानकारी के अनुसार खान सर अदालत में आत्मसमर्पण करने के लिए कोर्ट पहुंचे थे, मगर उन्हें जमानत नहीं मिल पाई। खबरों के मुताबिक अब वह सोमवार को कोर्ट में पेश होंगे।

लोकप्रियता और विवाद, दोनों साथ-साथ

आज की तारीख में खान सर किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। यह नाम देश के करोड़ों छात्रों की जुबान पर है। बेहद कम फीस, देसी अंदाज और कठिन विषयों को आसान भाषा में समझाने की उनकी शैली ने उन्हें देश के सबसे लोकप्रिय शिक्षकों की कतार में खड़ा कर दिया है। हालांकि उनकी पहचान सिर्फ एक सफल शिक्षक तक सीमित नहीं रही, बल्कि लोकप्रियता के साथ-साथ विवाद भी लगातार उनसे जुड़े रहे हैं।

बीते 2 और 3 जून को पटना स्थित खान ग्लोबल स्टडीज के बाहर हिंसा, तोड़फोड़ और सुरक्षा कर्मी पर हमले की घटना सामने आई थी। पटना पुलिस ने इस मामले में कोचिंग संचालक रौशन आनंद समेत कई लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस के मुताबिक घटना में पोस्टर फाड़ने, पत्थरबाजी और सुरक्षा गार्ड पर हमला करने के आरोप हैं।

मामला यहीं नहीं थमा। बाद में सामने आए कुछ वीडियो और जांच के आधार पर पुलिस ने खान सर यानी फैसल खान के खिलाफ भी नया मामला दर्ज किया। जांच में उनके संस्थान के सुरक्षा कर्मियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। फिलहाल खान सर की गिरफ्तारी और उनके खुद कोर्ट में सरेंडर करने को लेकर अटकलों का दौर जारी है।

पुराने विवाद फिर सुर्खियों में

रौशन आनंद से जुड़े विवाद के बाद सोशल मीडिया पर खान सर के पुराने विवाद भी दोबारा वायरल होने लगे हैं। इनमें उनके नाम और पहचान को लेकर उठे सवाल, आरआरबी-एनटीपीसी आंदोलन के दौरान दर्ज एफआईआर, ‘सुरेश और अब्दुल’ वाले उदाहरण पर हुआ विवाद और कई सामाजिक-राजनीतिक टिप्पणियां शामिल हैं।

नाम और पहचान को लेकर खड़ा हुआ था सवाल

खान सर से जुड़े शुरुआती बड़े विवादों में से एक उनकी पहचान और नाम को लेकर था। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद उनके असली नाम पर बहस छिड़ गई थी। बाद में विभिन्न मीडिया रिपोर्टों और सार्वजनिक दस्तावेजों में उनका नाम फैसल खान बताया गया।

इसके बाद कुछ लोगों ने उन पर अपनी पहचान को लेकर भ्रम पैदा करने का आरोप लगाया, जबकि उनके समर्थकों का कहना था कि पढ़ाने की गुणवत्ता को नाम और धर्म से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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