मध्य प्रदेश
एक घंटा पहले
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मध्य प्रदेश से राज्यसभा की एक सीट के लिए कांग्रेस ने अपने पत्ते खोल दिए हैं। पार्टी ने वरिष्ठ नेता मीनाक्षी नटराजन को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया है। नटराजन राहुल गांधी की कोर टीम की भरोसेमंद सदस्य मानी जाती हैं और एक बार मध्य प्रदेश के मंदसौर से लोकसभा सांसद भी रह चुकी हैं। इस बार कांग्रेस ने महिला उम्मीदवार उतारकर महिलाओं के वोट बैंक को साधने की कोशिश की है।
दिग्विजय सिंह का कार्यकाल हो रहा था खत्म
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह का राज्यसभा कार्यकाल जून 2026 में समाप्त हो रहा था और वे पहले ही दोबारा राज्यसभा जाने से इनकार कर चुके थे। इसके बाद पार्टी ने एक सीट के लिए अपने उम्मीदवार की घोषणा करते हुए मीनाक्षी नटराजन के नाम पर मुहर लगाई। दूसरी ओर, बीजेपी पहले ही दो सीटों के लिए तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल को अपना प्रत्याशी घोषित कर चुकी है।
छात्र राजनीति से शुरू हुआ सफर
मीनाक्षी नटराजन कांग्रेस की अनुभवी नेता हैं और संगठन में लंबे समय तक काम कर चुकी हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत छात्र राजनीति से की। वे सबसे पहले एनएसयूआई से जुड़ीं और बाद में भारतीय युवा कांग्रेस में सक्रिय भूमिका निभाई। नटराजन एनएसयूआई की राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुकी हैं, साथ ही मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस की अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुकी हैं।
राहुल गांधी की करीबी मानी जाती हैं
मीनाक्षी नटराजन को राहुल गांधी का करीबी और विश्वासपात्र सहयोगी माना जाता है। संगठन में सक्रिय भूमिका के चलते उन्हें कई राष्ट्रीय जिम्मेदारियां सौंपी गईं। फरवरी 2025 में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने उन्हें तेलंगाना के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) का प्रभारी नियुक्त किया था।
2009 में जीता था लोकसभा चुनाव
मीनाक्षी नटराजन ने साल 2009 में कांग्रेस के टिकट पर मंदसौर सीट से लोकसभा का चुनाव जीता था। इसके बाद उन्होंने 2014 और 2019 में भी चुनाव लड़ा, लेकिन दोनों बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा। साल 2024 में कांग्रेस ने उन्हें टिकट नहीं दिया था।
कई नामों पर लगाई जा रही थीं अटकलें
राज्यसभा उम्मीदवारी को लेकर पहले कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे। चर्चा थी कि कांग्रेस कमलनाथ, जीतू पटवारी या ग्वालियर-चंबल संभाग के किसी नेता को मैदान में उतार सकती है, लेकिन अंत में पार्टी आलाकमान ने मीनाक्षी नटराजन के नाम पर सहमति जताई।
आसानी से जीत की राह
कांग्रेस के पास इतने विधायक मौजूद हैं कि वह एक सीट सहजता से जीत सकती है। वहीं बीजेपी ने अब तक तीसरी सीट के लिए अपने उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है। ऐसे में कांग्रेस के लिए यह सीट जीतने में कोई बड़ी अड़चन नहीं आएगी।
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