बंद कमरे में दो लोग और एक करोड़ का प्रस्ताव — पूर्व डीजीपी अभ्यानंद ने सुनाया 40 साल पुराना वाकया बिहार 3 महीने पहले 55
बिहार के पूर्व डीजीपी अभ्यानंद ने एक पॉडकास्ट में बताया कि 1986 में सीबीआई में तैनाती के दौरान एक हाई कोर्ट सुनवाई में शामिल न होने के लिए उन्हें 1 करोड़ रुपये की रिश्वत का प्रस्ताव दिया गया था। उनके इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है।

बिहार पुलिस के सख्त और बेदाग छवि वाले पूर्व डीजीपी अभ्यानंद ने एक पॉडकास्ट में करीब 40 साल पुराना एक चौंकाने वाला अनुभव साझा किया है, जिसके बाद प्रशासनिक हलकों में चर्चा का माहौल बन गया है। उन्होंने बताया कि एक हाई-प्रोफाइल मामले से जुड़ी अदालती कार्यवाही में उनकी मौजूदगी रोकने के लिए उन्हें मोटी रकम की पेशकश की गई थी।

क्या था पूरा मामला

अभ्यानंद के मुताबिक, साल 1986 में जब वे सीबीआई में तैनात थे, उसी दौरान यह घटना घटी। उन्होंने बताया कि एक हाई-प्रोफाइल मामले की हाई कोर्ट में होने वाली सुनवाई में शामिल न होने के बदले उन्हें एक बंद कमरे में 1 करोड़ रुपये की रिश्वत का प्रस्ताव दिया गया था।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

इस खुलासे के सामने आते ही सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि अगर उस समय उन्हें इतनी बड़ी रिश्वत का प्रस्ताव दिया गया था, तो उन्होंने तभी इसकी शिकायत क्यों नहीं की।

कौन हैं अभ्यानंद

अभ्यानंद की पहचान एक ईमानदार और सख्त आईपीएस अधिकारी के रूप में रही है। नीतीश सरकार के शुरुआती दौर में उन्होंने 'स्पीडी ट्रायल' के फॉर्मूले के जरिए अपराधियों के बीच खौफ पैदा किया था। इसके अलावा वे आनंद कुमार के साथ मिलकर प्रसिद्ध 'सुपर 30' की नींव रखने वालों में भी शामिल रहे हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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