गया, राजगीर, नालंदा और पावापुरी का होगा कायाकल्प, विष्णुपद-महाबोधि कॉरिडोर पर सम्राट सरकार का बड़ा निर्देश बिहार 3 घंटे पहले 3
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई पर्यटन विभाग की समीक्षा बैठक में गया, राजगीर, नालंदा और पावापुरी के विकास कार्यों की समीक्षा कर परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने और बिहार को विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य बनाने के निर्देश दिए गए।

बिहार को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक अग्रणी और वर्ल्ड क्लास टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में खड़ा करने के लिए राज्य सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है। पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास में हुई एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में राज्य के धरोहर स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने, बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने और पर्यटन के माध्यम से रोजगार के नए रास्ते खोलने को लेकर कई दूरगामी और अहम निर्देश दिए गए।

राज्य सरकार ने अपने धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पर्यटन स्थलों को विश्वस्तरीय पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में लोक सेवक आवास में आयोजित पर्यटन विभाग की समीक्षा बैठक में गया, राजगीर, नालंदा और पावापुरी समेत प्रमुख पर्यटन स्थलों के विकास कार्यों की पड़ताल की गई। बैठक में परियोजनाओं को तेज गति से पूरा करने, पर्यटन में निवेश बढ़ाने और ग्रामीण पर्यटन को नई दिशा देने के निर्देश जारी किए गए।

गया में कॉरिडोर परियोजनाओं पर खास जोर

बैठक में निर्देश दिया गया कि गया स्थित विष्णुपद मंदिर कॉरिडोर और महाबोधि मंदिर कॉरिडोर परियोजनाओं को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। सरकार की मंशा इन स्थलों को विश्वस्तरीय तीर्थ और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की है, ताकि देश और विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं तथा पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

राजगीर को वैश्विक पहचान दिलाने की तैयारी

राजगीर में आधुनिक पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और उन्नयन पर भी बल दिया गया। सरकार चाहती है कि राजगीर को आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और शिक्षा के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित किया जाए। इसके लिए आधारभूत संरचना और पर्यटक सुविधाओं को मजबूत करने की योजना पर काम तेज करने को कहा गया।

नालंदा बनेगा ज्ञान और विरासत का वैश्विक केंद्र

समीक्षा बैठक में नालंदा की ऐतिहासिक और अंतरराष्ट्रीय पहचान को और सशक्त बनाने पर जोर दिया गया। सरकार का लक्ष्य इसे ज्ञान, संस्कृति और विरासत के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करना है, ताकि इसकी ऐतिहासिक धरोहर का व्यापक प्रचार-प्रसार हो और पर्यटन को बढ़ावा मिले।

पावापुरी मंदिर परिसर के लिए विशेष योजना

बैठक में पावापुरी मंदिर परिसर के समग्र विकास के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने और उसके प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए। इससे धार्मिक पर्यटन को गति मिलने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था के भी मजबूत होने की उम्मीद जताई गई है।

PPP मॉडल और निवेश को मिलेगा बढ़ावा

पर्यटन क्षेत्र में निजी निवेश आकर्षित करने के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल को प्रोत्साहन देने पर जोर दिया गया। सरकार का मानना है कि इससे आधारभूत संरचना के विकास, नई परियोजनाओं और रोजगार सृजन को रफ्तार मिलेगी।

ग्रामीण पर्यटन और होमस्टे पर खास फोकस

बैठक में ग्रामीण पर्यटन और होमस्टे योजना के विस्तार पर भी बल दिया गया। सरकार का उद्देश्य स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक आतिथ्य और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देना है, ताकि गांवों में भी पर्यटन आधारित रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकें।

वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर बिहार का लक्ष्य

सरकार ने एक बार फिर दोहराया कि बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक विरासत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम किया जा रहा है। विभिन्न परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन के जरिए राज्य को विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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