उपनाम: बिहार पर्यटन
बाबा कुशेश्वरनाथ धाम का होगा कायाकल्प, 44 करोड़ की लागत से मिलेंगी वर्ल्ड क्लास सुविधाएं
बिहार के दरभंगा स्थित बाबा कुशेश्वरनाथ धाम के समग्र विकास के लिए 44.03 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी मिली है। इस प्रोजेक्ट के तहत मंदिर परिसर को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
बेगूसराय की 150 साल पुरानी दौलतपुर कोठी: अंग्रेजों के जमाने की यह इमारत आज भी क्यों बनी है पहेली?
बिहार के बेगूसराय में स्थित दौलतपुर कोठी अपनी अनोखी वास्तुकला और इंजीनियरिंग के लिए चर्चा में है। करीब 150 साल पुरानी यह इमारत भीषण गर्मी में भी प्राकृतिक रूप से ठंडी रहती है और लोगों को आज भी हैरान करती है।
भागलपुर गंगा नदी में डॉल्फिन देखने के प्रमुख ठिकाने, जानें संरक्षण की नई सरकारी पहल और सही समय
बिहार के भागलपुर में गंगा नदी के विभिन्न घाटों पर डॉल्फिन पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र हैं। वन विभाग अब इन्हें सुरक्षित रखने के लिए विशेष बजर तकनीक का उपयोग करने जा रहा है।
पटना के आसमान से शहर का अद्भुत नजारा, हेलीकॉप्टर जॉय राइड सेवा की हुई शुरुआत
पटना के लोगों के लिए अब आसमान से शहर को निहारना संभव हो गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हेली-टूरिज्म सेवा का शुभारंभ किया है, जिसके जरिए पर्यटक 1200 फीट की ऊंचाई से गंगा पथ और गोलघर जैसे ऐतिहासिक स्थलों का लुत्फ उठा सकेंगे।
बिहार में आसमान की सैर हुई बेहद सस्ती, मात्र 2100 रुपये में करें पटना की हवाई यात्रा; मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया शुभारंभ
बिहार सरकार ने राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी पहल करते हुए हेली-पर्यटन सेवा की शुरुआत की है, जिसके तहत लोग बेहद किफायती दरों पर प्रमुख पर्यटन स्थलों की हवाई सैर कर सकेंगे।
मानसून में जमुई का पंचभूर झरना बना पर्यटकों की पहली पसंद, इको-टूरिज्म का नया केंद्र
जमुई का पंचभूर झरना मानसून की बारिश के बीच अपनी प्राकृतिक सुंदरता और तेज जलप्रवाह के साथ पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण बन गया है। कभी माओवाद के खौफ में रहने वाला यह इलाका अब एक सुरक्षित और खूबसूरत इको-टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में पहचान बना रहा है।
बिहार पर्यटन का तोहफा: श्रावणी मेला 2026 की रील बनाकर जीतें 3 लाख रुपये तक का इनाम
बिहार पर्यटन विभाग ने श्रावणी मेला 2026 के लिए एक विशेष वीडियो मेकिंग प्रतियोगिता की घोषणा की है, जिसमें सोशल मीडिया क्रिएटर्स के पास लाखों रुपये जीतने का अवसर है।
बिहार का रहस्यमयी ब्रह्मकुंड: यहाँ भगवान ब्रह्मा ने बनवाए थे 22 कुंड, जानें क्यों हमेशा गर्म रहता है पानी
बिहार के राजगीर में स्थित ब्रह्मकुंड आस्था और विज्ञान का अद्भुत मेल है। यह देश का सबसे गर्म जलकुंड माना जाता है, जहाँ का पानी प्राकृतिक रूप से 45 डिग्री सेल्सियस पर गर्म रहता है।
कश्मीर और लद्दाख जैसा अहसास अब जमुई में, मानसून में पर्यटकों के लिए जन्नत बना पंचभूर झरना
मानसून की दस्तक के साथ ही बिहार के जमुई जिले का पंचभूर झरना अपनी अद्भुत सुंदरता के लिए चर्चा में है। कभी माओवादियों के खौफ का केंद्र रही यह जगह अब पर्यटकों के लिए एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो रही है।
गया का तेतर डैम: दो पहाड़ों के बीच छिपा है प्राकृतिक सौंदर्य का खजाना, मानसून में खिल उठती है वादियों की रौनक
बिहार के गया जिले में स्थित तेतर डैम अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए चर्चा में रहता है। यह डैम गंगा जल आपूर्ति योजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और मानसून के दौरान इसकी छटा देखते ही बनती है।
मुंगेर का अनसुलझा इतिहास: जानिए नवाब मीर कासिम की 250 साल पुरानी रहस्यमयी गुफा के बारे में
बिहार के मुंगेर में स्थित नवाब मीर कासिम की ऐतिहासिक गुफा अपने पीछे लगभग 250 साल पुराने राज छिपाए हुए है, जिसे आज भी लोग कौतूहल की दृष्टि से देखते हैं।
पटना का 300 साल पुराना 'बावली कुआं': जमीन के नीचे छिपी है सात मंजिला रहस्यमयी दुनिया, वास्तुकला देखकर रह जाएंगे दंग
बिहार की राजधानी पटना में स्थित करीब 300 साल पुराना बावली कुआं अपनी अनूठी वास्तुकला और ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है। जमीन के नीचे सात मंजिलों में फैला यह कुआं आज पर्यटकों और फोटोग्राफर्स के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
पर्यटकों के लिए पहली पसंद बना वाल्मीकि टाइगर रिजर्व, तीन साल में 14 लाख से ज्यादा सैलानियों ने भरी हुंकार
बिहार के इकलौते वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में सफारी का दौर भले ही मॉनसून के कारण रुक गया हो, लेकिन यहां आने वाले पर्यटकों की तादाद में लगातार बड़ा इजाफा देखने को मिल रहा है।
बिहार का 120 साल पुराना शनिदेव मंदिर, जहां काला छाता चढ़ाने से दूर होते हैं सारे कष्ट
बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित इस प्राचीन शनिदेव मंदिर में शनिवार और अमावस्या पर भक्तों का तांता लगा रहता है, जहां काला छाता अर्पित करने की एक अनूठी परंपरा है।
वाल्मीकि टाइगर रिज़र्व में सफारी पर लगा ब्रेक, मानसून और वन्य जीवों की सुरक्षा के चलते लिया गया निर्णय
वाल्मीकि टाइगर रिज़र्व में 29 जून से जंगल सफारी को पूरी तरह बंद किया जा रहा है। मानसून की बारिश और वन्य जीवों के प्रजनन काल को देखते हुए यह फैसला लिया गया है जो 30 सितंबर तक प्रभावी रहेगा।