जमशेदपुर के अखिलेश सिंह के नेटवर्क पर ED की बड़ी कार्रवाई, रोहतक की बीयर फैक्ट्री में छापेमारी से हड़कंप बिहार 2 घंटे पहले 2
प्रवर्तन निदेशालय ने जमशेदपुर के चर्चित अपराधी अखिलेश सिंह के कथित आर्थिक नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ा अभियान छेड़ते हुए हरियाणा के रोहतक स्थित एक बीयर प्लांट पर छापामारी की है। यह जांच 150 करोड़ रुपये के हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़ी है जो कई राज्यों में फैला हुआ है।

जमशेदपुर के अपराधी के आर्थिक साम्राज्य पर ED की नजर

झारखंड के जमशेदपुर क्षेत्र से जुड़े कुख्यात अपराधी अखिलेश सिंह के कथित आर्थिक नेटवर्क के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने अपनी कार्रवाई को तेज कर दिया है। इसी कड़ी में एजेंसी ने हरियाणा के रोहतक में स्थित विक्रम उद्योग प्राइवेट लिमिटेड की बीयर बॉटलिंग और पैकेजिंग फैक्ट्री पर अचानक दबिश दी है। यह छापेमारी वहां मौजूद वित्तीय दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों को खंगालने के लिए की गई है। इस कार्रवाई से संबंधित लोगों में हड़कंप मच गया है।

150 करोड़ रुपये के हवाला का है मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई लगभग 150 करोड़ रुपये के कथित हवाला लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच का हिस्सा है। प्रवर्तन निदेशालय ने इस पूरे मामले को लेकर पहले ही ईसीआईआर यानी प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। जांच एजेंसी को इस बात का गहरा संदेह है कि हवाला के जरिए बड़ी धनराशि को एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित करने के लिए इस विशिष्ट नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया है। वर्तमान में ED के अधिकारी फैक्ट्री परिसर में मौजूद डिजिटल साक्ष्यों और लेखा-जोखा की गहन पड़ताल कर रहे हैं।

कई राज्यों तक फैली है जांच की आंच

ED द्वारा दर्ज की गई ईसीआईआर/आरएनजेडओ/07/2026 के तहत यह जांच केवल हरियाणा तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसका दायरा काफी व्यापक है। जांच एजेंसियों के अनुसार, यह पूरा जाल पंजाब और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों तक फैला हुआ है। प्रवर्तन निदेशालय उन सभी वित्तीय चैनलों और माध्यमों की पहचान करने में जुटी है, जिनके जरिए भारी मात्रा में रकम का हेरफेर किया गया है। जांच के दौरान संदिग्ध बैंकिंग रिकॉर्ड और वित्तीय दस्तावेजों को जब्त कर उनका बारीकी से विश्लेषण किया जा रहा है।

वित्तीय लेन-देन के स्रोतों पर एजेंसी का फोकस

जांच का मुख्य केंद्र विक्रम उद्योग प्राइवेट लिमिटेड और इससे जुड़े व्यक्तियों के बीच हुए वित्तीय लेनदेन की प्रकृति को समझना है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इन लेन-देन में कहीं मनी लॉन्ड्रिंग या काले धन को सफेद करने जैसे अवैध तत्व शामिल थे। कंपनी के खातों और उससे जुड़े अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की जांच यह स्पष्ट करेगी कि इस नेटवर्क का असली स्वरूप क्या है।

विक्रम शर्मा हत्याकांड के बाद बड़ी हलचल

जानकारों का मानना है कि विक्रम शर्मा हत्याकांड के बाद प्रवर्तन निदेशालय की ओर से यह पहली बड़ी और महत्वपूर्ण कार्रवाई है। जांच एजेंसी अब इस हत्या के मामले के आर्थिक पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है। इसका मुख्य उद्देश्य अपराध जगत से जुड़े उन प्रभावशाली लोगों की संपत्तियों, निवेश और धन के अज्ञात स्रोतों का खुलासा करना है, जो पर्दे के पीछे से अपना कारोबार चला रहे हैं।

अखिलेश सिंह की पुरानी फाइलों पर जांच

अखिलेश सिंह का नाम जमशेदपुर और इसके आसपास के इलाकों में लंबे समय से अपराध की दुनिया में चर्चा का विषय रहा है। पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक, उस पर हत्या और रंगदारी जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं। सुरक्षा एजेंसियां काफी समय से उसके आर्थिक नेटवर्क और संपत्तियों की निगरानी कर रही थीं ताकि उसके मनी लॉन्ड्रिंग के लिंक को तोड़ा जा सके।

कानूनी राहत के बाद दोबारा सक्रिय हुई ED

सूत्रों के अनुसार, कुछ समय पहले दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट से जुड़े एक कानूनी मामले में राहत मिलने के बाद ED ने अपनी इस जांच की रफ्तार को फिर से तेज किया है। हालांकि, इस छापेमारी को लेकर प्रवर्तन निदेशालय की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। लेकिन अधिकारियों की ओर से साफ संकेत है कि जांच का दायरा हरियाणा, पंजाब और छत्तीसगढ़ में फैले कई ठिकानों तक रहेगा।

आगे और भी बड़ी कार्रवाई की संभावना

फिलहाल ईडी की टीम जब्त किए गए दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक डेटा का विश्लेषण कर रही है। यदि जांच के दौरान मनी लॉन्ड्रिंग या अवैध धन के लेन-देन के पर्याप्त साक्ष्य प्राप्त होते हैं, तो भविष्य में और भी कठोर कदम उठाए जा सकते हैं। इस जांच का अंतिम परिणाम तभी सामने आएगा जब सभी जब्त किए गए रिकॉर्ड्स का गहन विश्लेषण पूरा हो जाएगा। फिलहाल अपराधी जगत के आर्थिक नेटवर्क को तोड़ने के लिए एजेंसियां पूरी तरह से मुस्तैद दिख रही हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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