बिहार: आवास बोर्ड की बरसों से खाली पड़ी जमीन पर बनेंगे आधुनिक फ्लैट, हर आय वर्ग के लिए घर बिहार एक घंटा पहले 3
बिहार के नगर विकास एवं आवास विभाग ने आवास बोर्ड की वर्षों से खाली पड़ी जमीन पर नए आवासीय परिसर बनाने की योजना पर मंथन किया, ताकि अलग-अलग आय वर्ग के लोगों को किफायती और आधुनिक सुविधाओं वाले मकान मिल सकें।

बेहतर जीवनशैली, आधुनिक सुविधाओं और बच्चों की अच्छी पढ़ाई की चाह में लोग तेजी से शहरों का रुख कर रहे हैं। इसी कारण शहरों में जमीन और मकानों की कीमतें भी तेजी से ऊपर चढ़ी हैं। कई इलाकों में फ्लैट और प्लॉट इतने महंगे हो चुके हैं कि आम आदमी के लिए शहर में अपना घर रखना किसी सपने जैसा लगने लगा है। देश के अधिकांश राज्यों में यही तस्वीर है, जहां गांव-कस्बों से लोग शहरों की ओर पलायन कर वहीं बस रहे हैं।

बिहार भी इससे अछूता नहीं है। पटना और मुजफ्फरपुर समेत कई शहरों में लोग अपने आशियाने के लिए जमीन और मकान की तलाश में जुटे हैं। ऐसे माहौल में राज्य के नगर विकास एवं आवास विभाग की एक बैठक में अहम पहल की गई है।

खाली जमीन पर बनेंगे नए आवासीय परिसर

नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा ने एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें खास तौर पर आवास बोर्ड की वर्षों से खाली पड़ी जमीन पर नए आवासीय परिसर खड़े करने की योजना पर विचार-विमर्श हुआ। इस पहल का मकसद विभिन्न आय वर्गों के लोगों तक अच्छे और सस्ते मकान पहुंचाना है।

इसके साथ ही जमीन के बेहतर इस्तेमाल को सुनिश्चित कर शहरी विकास को नई रफ्तार देने पर भी जोर रहेगा। परियोजना के तहत आधुनिक सुविधाओं से लैस आवासीय परिसर तैयार करने की दिशा में काम किया जाएगा।

योजनाबद्ध शहरी विकास पर सरकार का जोर

मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि बिहार सरकार राज्य के शहरी क्षेत्रों में योजनाबद्ध विकास को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और आम नागरिकों को बेहतर आवासीय व आधारभूत सुविधाएं मुहैया कराने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। बैठक के दौरान राज्य में आधारभूत संरचनाओं के विकास, आधुनिक आवासीय परियोजनाओं के निर्माण और शहरी इलाकों में नागरिक सुविधाओं के विस्तार से जुड़े कई विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।

मंत्री ने कहा कि राज्य में बढ़ते शहरीकरण को देखते हुए आवासीय और आधारभूत संरचनाओं के विकास की आवश्यकता निरंतर बढ़ रही है। ऐसे में परियोजनाओं को तय समय-सीमा में पूरा करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से न सिर्फ लोगों को बेहतर आवासीय सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि शहरी क्षेत्रों के समग्र विकास को भी नई गति मिलेगी।

एनबीसीसी से तकनीकी सहयोग पर चर्चा

बैठक में एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड द्वारा राज्य में संभावित परियोजनाओं के क्रियान्वयन, तकनीकी सहयोग और निवेश से जुड़े पहलुओं पर भी बातचीत हुई। उल्लेखनीय है कि एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड भारत सरकार का प्रतिष्ठित नवरत्न सार्वजनिक उपक्रम है, जो देशभर में उच्च गुणवत्ता वाली निर्माण और परियोजना प्रबंधन सेवाओं के लिए जाना जाता है।

मंत्री नीतीश मिश्रा की इस बैठक में नेशनल बिल्डिंग्स कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एनबीसीसी इंडिया लिमिटेड) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. के. पी. महादेवास्वामी, नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव, बिहार राज्य आवास बोर्ड के एमडी और एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड के कार्यपालक निदेशक भी मौजूद रहे।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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