क्या सांप के अंडों में जहर होता है? जानिए नवजात सपोलों में कितना विष और काटने पर क्या होगा झारखंड 2 महीने पहले 47
सर्प विशेषज्ञ के अनुसार सांप के अंडों में किसी प्रकार का जहर नहीं होता, लेकिन अंडे से निकले बच्चे जरूर अपने माता-पिता जितने ही विषैले होते हैं।

सांप का नाम सुनते ही अधिकतर लोगों के मन में सहज ही भय बैठ जाता है। आम धारणा है कि सांप जितना जहरीला होता है, उसके अंडों में भी उतना ही विष भरा रहता होगा। यही वजह है कि ग्रामीण इलाकों में जब किसी को सांप के अंडे मिल जाते हैं तो लोग उन्हें छूने तक से कतराते हैं। लेकिन क्या वास्तव में ऐसा होता है? इस सवाल का जवाब सुनकर शायद आप हैरान रह जाएं।

अंडों में नहीं होता कोई विष

पलामू जिले के प्रसिद्ध सर्प विशेषज्ञ डॉ. डी. एस. श्रीवास्तव ने बताया कि सांपों की अलग-अलग प्रजातियों में अंडे देने और बच्चों के विकसित होने की प्रक्रिया भिन्न हो सकती है। अंडे के भीतर धीरे-धीरे भ्रूण पनपता है और निर्धारित अवधि बीतने के बाद बच्चे बाहर निकल आते हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि अंडे के अंदर किसी भी तरह का विष या जहरीला पदार्थ मौजूद नहीं रहता। यही कारण है कि कई पक्षी और दूसरे जीव सांप के अंडों को आसानी से अपना भोजन बना लेते हैं।

बच्चे जरूर होते हैं जहरीले

डॉ. श्रीवास्तव के मुताबिक जैसे ही अंडे से बच्चा बाहर आता है, वह पूरी तरह स्वतंत्र हो जाता है। अंडे से बनने के बाद बच्चे में उतना ही जहर होता है जितना उसके माता-पिता में रहता है। विष ग्रंथि छोटी होने के कारण जहर की मात्रा भले ही कम होती है, पर उसकी विषैलेपन में कोई कमी नहीं आती।

उन्होंने बताया कि अधिकांश सांप अपने बच्चों की देखभाल नहीं करते। जन्म के तुरंत बाद ही बच्चे अपने भोजन और सुरक्षा के लिए खुद जिम्मेदार हो जाते हैं। यदि बच्चा किसी विषैली प्रजाति, जैसे कोबरा, का है तो उसके शरीर में विष ग्रंथियां पहले से विकसित हो चुकी होती हैं। इसी कारण नवजात कोबरा भी अपने बचाव में जहर का इस्तेमाल करने में सक्षम होते हैं।

अंडों से कोई खतरा नहीं

विशेषज्ञ के अनुसार सांप का जहर उसकी विशेष लार ग्रंथियों में बनता है, जिन्हें पॉइजन ग्लैंड कहा जाता है। यह एक खास प्रकार का प्रोटीनयुक्त जैविक पदार्थ होता है, जिसका उपयोग सांप अपने शिकार को काबू में करने और आत्मरक्षा के लिए करता है।

उन्होंने बताया कि यह पूरी प्रक्रिया बच्चे के शरीर में विकसित विष ग्रंथियों से जुड़ी होती है, न कि अंडे से। इसलिए यह मान्यता पूरी तरह गलत है कि सांप के अंडों में जहर होता है।

नए जीवन के विकास का माध्यम

डॉ. श्रीवास्तव ने सलाह दी कि लोगों को सांपों और उनके अंडों को लेकर फैली भ्रांतियों से बचना चाहिए। वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाकर ही जंगल में रहने वाले वन्यजीवों के बारे में सही जानकारी हासिल की जा सकती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सांप के अंडों में जहर नहीं होता, बल्कि वे केवल एक नए जीवन के विकास का माध्यम भर होते हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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