जयपुर का अनोखा पत्थरों वाला घर: बाहर 45°C की लू, फिर भी अंदर 5-7 डिग्री कम तापमान, जानें राज़ राजस्थान एक महीने पहले 29
जयपुर में बना एक खास पत्थरों का घर भीषण गर्मी में भी प्राकृतिक रूप से ठंडा रहता है, जहां अंदर का तापमान बाहर के मुकाबले लगभग 5 से 7 डिग्री सेल्सियस कम बना रहता है.

जयपुर में पत्थरों से बना एक अनूठा घर इन दिनों चर्चा का केंद्र बना हुआ है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि जब बाहर सूरज आग उगल रहा होता है, तब भी इसके भीतर का माहौल सुकून भरा और ठंडा बना रहता है. बिना किसी भारी-भरकम मशीनरी के यह घर प्राकृतिक तरीके से गर्मी को मात देता है.

कितना कम रहता है अंदर का तापमान

विशेष डिज़ाइन और पारंपरिक निर्माण तकनीकों के मेल से तैयार इस घर के भीतर का तापमान बाहरी तापमान की तुलना में करीब 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक कम दर्ज किया जाता है. यही वजह है कि भीषण गर्मी के दौरान भी यहां रहने वालों को आरामदायक और राहत भरा वातावरण मिलता है.

ठंडक के पीछे का राज़

इस घर को ठंडा रखने में इसकी बनावट की अहम भूमिका है. पत्थरों की मोटी दीवारें बाहरी गर्मी को भीतर घुसने से रोकती हैं, जबकि बेहतर वेंटिलेशन हवा के आवागमन को सुचारू बनाए रखता है. पर्यावरण के अनुकूल निर्माण शैली इसे और भी प्रभावी बना देती है, जिससे तपती धूप का असर अंदर तक नहीं पहुंच पाता.

विशेषज्ञों की राय

जानकार इस घर को ऊर्जा बचाने वाला और लंबे समय तक टिकने वाला निर्माण मॉडल मानते हैं. उनके अनुसार इस तरह की संरचनाएं न सिर्फ बिजली की खपत को काफी हद तक घटाती हैं, बल्कि पर्यावरण के संरक्षण में भी अहम योगदान देती हैं.

क्यों खास है यह मॉडल

आज जब गर्मी से बचने के लिए ज़्यादातर लोग एयर कंडीशनर और कूलर पर निर्भर हैं, ऐसे में पारंपरिक तकनीक पर आधारित यह घर एक टिकाऊ और किफायती विकल्प के रूप में सामने आता है. कम संसाधनों में अधिक आराम देने वाली इसकी खूबी इसे आधुनिक दौर के लिए एक प्रेरक उदाहरण बनाती है.

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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