ईरान संकट के बीच पाकिस्तान को सिंध में मिला तेल-गैस का नया भंडार, ऊर्जा सुरक्षा को मिल सकती है राहत विश्व एक घंटा पहले 2
ईरान युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ती चिंता के बीच पाकिस्तान की सरकारी कंपनी OGDCL ने सिंध के सांघड़ जिले में तेल और गैस का नया भंडार खोजने का दावा किया है, जहां से रोजाना करीब 2000 बैरल तेल और 11 लाख क्यूबिक फीट गैस निकल रही है।

ईरान युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने की आशंका से जहां पूरी दुनिया चिंतित है, वहीं पाकिस्तान के लिए एक राहत भरी खबर आई है। देश की सरकारी तेल एवं गैस कंपनी OGDCL ने सिंध प्रांत के सांघड़ जिले में तेल और गैस का एक नया भंडार खोजने का दावा किया है। ऐसे दौर में जब पाकिस्तान अपनी ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंतित बना हुआ है, इस खोज को एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है।

OGDCL ने पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज और लंदन स्टॉक एक्सचेंज को भेजी गई जानकारी में बताया कि बॉबी डीप-1 (Bobi Deep-1) नामक कुएं से प्रतिदिन करीब 2000 बैरल कच्चा तेल और 11 लाख स्टैंडर्ड क्यूबिक फीट गैस निकल रही है। यह भंडार सिंध के बॉबी और धमराकी क्षेत्र में मिला है।

पाकिस्तान के लिए क्यों खास है यह खोज

पाकिस्तान अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है। देश का लगभग 90 फीसदी तेल और LNG खाड़ी क्षेत्र से आता है, जो होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते देश तक पहुंचता है। ईरान और पश्चिमी देशों के बीच तनाव गहराने पर इसी सप्लाई लाइन पर सबसे बड़ा खतरा मंडराने लगता है।

ऐसी स्थिति में घरेलू स्तर पर तेल और गैस का नया स्रोत मिलने से पाकिस्तान को तीन अहम फायदे हो सकते हैं।

  • विदेशी तेल पर निर्भरता कुछ हद तक कम होगी।
  • आयात बिल में थोड़ी राहत मिल सकती है।
  • देश की ऊर्जा सुरक्षा और मजबूत होगी।

क्या इस खोज से बदल जाएगी पाकिस्तान की किस्मत

पाकिस्तान की आर्थिक हालत पहले से ही नाजुक है और देश विदेशी कर्जों के सहारे चल रहा है। पाकिस्तान रोजाना करीब 3 लाख बैरल तेल की खपत करता है, जबकि यह नया कुआं प्रतिदिन सिर्फ 2000 बैरल का उत्पादन कर रहा है। यानी देश की कुल जरूरत का बेहद छोटा हिस्सा ही इससे पूरा हो पाएगा। इस लिहाज से यह खोज पाकिस्तान को अमीर बनाने वाली नहीं है।

हालांकि इस खोज से आसपास के इलाकों में तेल और गैस की और तलाश के रास्ते जरूर खुल सकते हैं। OGDCL का कहना है कि इस खोज ने क्षेत्र में मौजूद कई अन्य संभावित भंडारों से जुड़ा जोखिम कम कर दिया है।

कैसे सामने आया यह भंडार

कंपनी के मुताबिक इस कुएं की ड्रिलिंग 3,305 मीटर की गहराई तक की गई थी। मई में ड्रिलिंग पूरी होने के बाद परीक्षण के दौरान यहां तेल और गैस की मौजूदगी का पता चला। OGDCL ने इसे इस इलाके की पहली बड़ी हाइड्रोकार्बन खोज बताया है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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