इमरान खान की सुरक्षा में जुटे भरोसेमंद डॉक्टर, क्यों जेल के साये में डर रहा है पूर्व प्रधानमंत्री का परिवार? विश्व 3 घंटे पहले 2
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे हैं और उनके परिवार को उनकी सुरक्षा को लेकर गहरा डर सता रहा है। इस मुश्किल दौर में उनके निजी डॉक्टर आसिम यूसुफ और फैसल सुल्तान कानूनी और मेडिकल मोर्चों पर उनकी जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

पाकिस्तान में इमरान खान की सेहत और डॉक्टरों की चिंता

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के प्रमुख इमरान खान की बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति ने उनके समर्थकों के बीच खलबली मचा दी है। 73 वर्षीय इमरान खान, जो अगस्त 2023 से आदियाला जेल में बंद हैं, कई तरह की बीमारियों से घिरे हुए हैं। उनकी आंखों की समस्या और अनियंत्रित हाई ब्लड प्रेशर ने उनके परिवार और समर्थकों को डरा दिया है। उन्हें हर वक्त इस बात का खौफ है कि कहीं इमरान खान के साथ वैसा ही बर्ताव न हो जैसा मिस्र के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद मोर्सी के साथ हुआ था, जिन्हें जेल में ही धीमी मौत की ओर धकेला गया था।

कौन हैं डॉ आसिम यूसुफ और क्यों है इमरान को उन पर भरोसा

इमरान खान की मेडिकल टीम में सबसे प्रमुख चेहरा डॉ आसिम यूसुफ हैं। वे न केवल इमरान खान के दशकों पुराने मित्र हैं, बल्कि उनके सबसे विश्वसनीय पर्सनल डॉक्टर भी हैं। डॉ यूसुफ के पास अनुभव और भरोसे का एक लंबा इतिहास है, जो उन्हें इस कठिन परिस्थिति में सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति बनाता है।

  • शौकत खानम अस्पताल के सीएमओ: डॉ आसिम यूसुफ शौकत खानम मेमोरियल कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में चीफ मेडिकल ऑफिसर के पद पर कार्यरत हैं। वे दिसंबर 1994 से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं।
  • अस्पताल का विस्तार: उन्होंने अस्पताल नेटवर्क को बढ़ाने और पेशावर शाखा को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
  • हेल्थ स्पोक्सपर्सन: जेल में बंद होने के बाद से डॉ आसिम ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इमरान खान की हेल्थ रिपोर्ट साझा करते रहे हैं। वे लगातार सरकार पर दबाव बना रहे हैं कि इमरान खान को उचित इलाज के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में रखा जाए।

डॉ फैसल सुल्तान और टीम की भूमिका

इमरान खान की मेडिकल टीम में डॉ आसिम यूसुफ के अलावा डॉ फैसल सुल्तान और डॉ समीना नियाजी जैसे वरिष्ठ विशेषज्ञ शामिल हैं। डॉ फैसल सुल्तान इमरान खान के निजी फिजिशियन हैं और खान की सेहत बिगड़ने पर वे ही आगे आकर उनकी जांच की मांग उठाते हैं। ये पूरी टीम कानूनी और मेडिकल स्तर पर इमरान खान की जान बचाने के लिए लगातार लड़ रही है।

अदालत का आदेश और ‘खौफनाक रात’ का ड्रामा

हाल ही में पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को स्पष्ट निर्देश दिया था कि इमरान खान को इलाज के लिए इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल शिफ्ट किया जाए। कोर्ट का आदेश था कि 16 सितंबर तक इमरान खान का इलाज वहीं होगा और डॉ फैसल सुल्तान वहां उपस्थित रहेंगे। हालांकि, कोर्ट के इस आदेश के बाद जो कुछ हुआ, वह बेहद हैरान करने वाला था।

शिफा अस्पताल के बाहर का मंजर

शुक्रवार की रात शिफा अस्पताल के बाहर समर्थकों और मीडिया की भारी भीड़ जमा थी। करीब 500 लोग इमरान खान का स्वागत करने के लिए फूल लेकर पहुंचे थे। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस ने अस्पताल के बाहर आर्मर्ड गाड़ियां तैनात कर दी थीं और माहौल ऐसा बनाया गया था जैसे इमरान खान वहां पहुंच ही रहे हैं।

डॉक्टरों को गुमराह करने का आरोप

इमरान खान के डॉक्टर फैसल सुल्तान को रात 12:30 बजे शिफा अस्पताल बुलाया गया। उन्हें यह आश्वासन दिया गया था कि इमरान खान जल्द ही वहां पहुंचेंगे। डॉक्टर वहां बिना अपने फोन के तीन घंटे तक इंतजार करते रहे। लेकिन सुबह 4:30 बजे उन्हें अचानक सूचित किया गया कि इमरान खान अस्पताल नहीं लाए जाएंगे और उन्हें वापस आदियाला जेल भेज दिया गया है।

बहन उज्मा खानम की मार्मिक आपबीती

उसी रात इमरान खान की बहन उज्मा खानम को चोरी-छिपे सरकारी अस्पताल पीआईएमएस ले जाया गया। 10 महीने बाद अपने भाई से मिलकर उज्मा खानम की आंखें भर आईं। इमरान खान स्वयं उन्हें देखकर हैरान रह गए और उन्होंने डॉक्टरों से पूछा कि ये मेरी बहन है और मैं इससे 10 महीने के अंतराल पर मिल रहा हूं।

इलाज के नाम पर सिर्फ औपचारिकता

उज्मा खानम और पीटीआई नेताओं का यह साफ आरोप है कि पीआईएमएस में इमरान खान का कोई वास्तविक इलाज नहीं हुआ। उज्मा ने बताया कि वहां डॉक्टरों के पास इमरान खान की मेडिकल फाइल तक मौजूद नहीं थी। उन्हें यह तक नहीं मालूम था कि इमरान खान को कौन से आई-ड्रॉप देने हैं। मिस्र के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद मोर्सी की तरह उन्हें लंबे समय तक आइसोलेशन में रखकर उनकी जान को जोखिम में डाला जा रहा है।

सरकार का बचाव और पीटीआई का आक्रोश

पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि एक एक्सपर्ट टीम ने इमरान खान की जांच की है और वे पूरी तरह फिट हैं। सरकार का दावा है कि सुरक्षा और अस्पताल के बाहर उमड़ी भीड़ की वजह से उन्हें पीआईएमएस शिफ्ट करना पड़ा। दूसरी ओर, पीटीआई नेताओं जुल्फिकार बुखारी और शेख वकास अकरम ने इसे अदालत की तौहीन बताया है। पार्टी अब सरकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दायर करने की तैयारी कर रही है।

इमरान खान की स्वास्थ्य समस्या

इमरान खान की दाहिनी आंख में एक गंभीर समस्या है, जिसके इलाज के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की जरूरत है। इसके साथ ही, लंबे समय तक जेल में एकांत में रहने के कारण उनका ब्लड प्रेशर असामान्य रूप से बढ़ा हुआ रहता है। इमरान खान का आरोप है कि जेल प्रशासन जानबूझकर उनके स्वास्थ्य की रिपोर्ट को नजरअंदाज कर रहा है। फिलहाल इमरान खान फिर से जेल की सलाखों के पीछे हैं और देश भर की निगाहें उनकी सुरक्षा और सेहत पर टिकी हुई हैं।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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