राहुल गांधी से बड़ी स्ट्रीट फाइटर निकलीं प्रियंका गांधी, भाई के लिए गेट पर चढ़ गई बहन, पुलिस भी हुई मजबूर राष्ट्रीय राजनीति 5 घंटे पहले 7
दिल्ली में इंडिया गठबंधन के प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी की हिरासत के बाद प्रियंका गांधी का एक नया रूप सामने आया है, जहाँ उन्होंने किंग्सवे कैंप का गेट फांदकर सबको चौंका दिया।

दिल्ली में सियासी ड्रामे के बीच प्रियंका का जुझारूपन

राजधानी दिल्ली में 6 अक्टूबर 2026 को उस वक्त एक अद्भुत और अप्रत्याशित नजारा देखने को मिला, जब इंडिया गठबंधन के प्रदर्शन के दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा ने अपने भाई राहुल गांधी के लिए एक साहसी कदम उठाया। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी सांसदों का मार्च संसद से चुनाव आयोग के दफ्तर की ओर बढ़ रहा था। इस दौरान राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लेकर किंग्सवे कैंप स्थित न्यू पुलिस लाइन भेज दिया था। इस हाईवोल्टेज ड्रामे के बीच प्रियंका गांधी वहां पहुंचीं और उन्होंने एक स्ट्रीट फाइटर की भूमिका निभाते हुए पुलिस के घेरे को चुनौती दे दी।

किंग्सवे कैंप का गेट फांदकर सुर्खियों में आई प्रियंका

जब राहुल गांधी और अन्य नेताओं को हिरासत में रखकर किंग्सवे कैंप के भीतर रखा गया, तो बाहर भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और प्रदर्शनकारी मौजूद थे। पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर परिसर का मुख्य गेट बंद कर रखा था। इसी दौरान प्रियंका गांधी वहां पहुंचती हैं। राहुल गांधी को हिरासत में देख वह चुप नहीं बैठीं। उन्होंने तुरंत प्रतिक्रिया दी और डिटेंशन सेंटर के गेट पर चढ़ने का साहसिक फैसला लिया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि प्रियंका गेट के ऊपरी हिस्से पर चढ़ गईं और काफी देर तक डटी रहीं।

पुलिस को झुकने पर किया मजबूर

प्रियंका गांधी की इस जिद और उनके जुझारू अंदाज के आगे पुलिस प्रशासन भी मजबूर नजर आया। वह गेट पर चढ़कर उसे खोलने की लगातार कोशिश करती रहीं। उनकी यह सक्रियता न केवल कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने वाली थी, बल्कि प्रशासन के लिए भी एक बड़ी चुनौती बन गई। अंत में, पुलिस को हार माननी पड़ी और गेट खोल दिया गया। गेट खुलते ही वहां मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ता और अन्य प्रदर्शनकारी बड़ी संख्या में परिसर के अंदर दाखिल हो गए। देखते ही देखते पूरा इलाका भीड़ से भर गया, जिसने इस पूरे घटनाक्रम को एक नई दिशा दे दी।

आठ घंटे चला विरोध और हिरासत का सिलसिला

इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत मंगलवार शाम को हुई थी, जब राहुल गांधी की अगुवाई में विपक्ष के सांसद संसद से चुनाव आयोग तक मार्च कर रहे थे। पुलिस ने आकाशवाणी भवन के पास इस मार्च को रोक दिया। इसके बाद राहुल गांधी समेत सभी नेता वहीं सड़क पर धरने पर बैठ गए। यह धरना करीब आठ घंटे से भी अधिक समय तक चला। अंत में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाने का निर्णय लिया और उन्हें हिरासत में लेकर किंग्सवे कैंप पहुँचाया। इस लंबी जद्दोजहद के बाद जब प्रियंका गांधी वहां पहुंचीं, तो उन्होंने न केवल अपने भाई के साथ एकजुटता दिखाई, बल्कि विरोध प्रदर्शन की तीव्रता को और अधिक बढ़ा दिया। राहुल गांधी के बैरिकेड पर चढ़ने के बाद प्रियंका गांधी का यह अंदाज चर्चा का विषय बना हुआ है कि कैसे वह एक फाइटर की तरह सड़क पर उतर आईं।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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