पाकिस्तान में बलूच नेताओं के खिलाफ गुप्त ट्रायल का विरोध, जर्मनी के बॉन में गूंजी बलूचिस्तान की आवाज विश्व एक घंटा पहले 2
जर्मनी के बॉन शहर में बलूच कार्यकर्ताओं ने पाकिस्तान में हो रहे मानवाधिकार उल्लंघनों और 'फेसलेस ट्रायल' के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।

बॉन की सड़कों पर बलूचिस्तान के लिए हुंकार

जर्मनी के बॉन शहर में बलूचिस्तान में हो रहे कथित दमन और मानवाधिकारों के हनन के खिलाफ एक बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। बलूच नेशनल मूवमेंट के कार्यकर्ताओं ने मार्कटप्लाट्ज में एकत्रित होकर पाकिस्तान सरकार और सेना के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बलूचिस्तान में आम नागरिकों को निशाना बनाया जा रहा है और राजनीतिक कार्यकर्ताओं का दमन किया जा रहा है।

फेसलेस ट्रायल पर गहरी चिंता

प्रदर्शन के दौरान बलूच यकजेहती कमेटी के नेताओं के खिलाफ चल रही 'फेसलेस ट्रायल' प्रक्रिया पर विशेष रूप से चिंता जताई गई। प्रदर्शनकारियों ने इसे मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन करार दिया। इस गुप्त प्रक्रिया की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:

  • इसमें न्यायाधीशों की पहचान गुप्त रखी जा रही है।
  • अदालत के कर्मचारियों और गवाहों के नाम का खुलासा नहीं किया जा रहा है।
  • पारदर्शिता का अभाव है, जिससे न्याय के बुनियादी सिद्धांत खतरे में हैं।

संगठन ने विशेष रूप से महरंग बलोच और उनके सहयोगियों के खिलाफ चल रही कानूनी कार्यवाही का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि पाकिस्तान में संवैधानिक अधिकारों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

जबरन गुमशुदगी और उत्पीड़न के आरोप

प्रदर्शनकारियों ने बलूचिस्तान में बलूच नेताओं और कार्यकर्ताओं के घरों पर होने वाली तोड़फोड़ और हमलों की निंदा की। उन्होंने दावा किया कि जबरन गायब किए गए लोगों के परिजनों को डराया-धमकाया जा रहा है ताकि वे अपने अपनों के लिए आवाज न उठा सकें।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मदद की गुहार

इस विरोध प्रदर्शन के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कई प्रमुख मांगें की गईं:

  • बलूचिस्तान की स्थिति की जांच के लिए एक स्वतंत्र तथ्य-जांच मिशन का गठन किया जाए।
  • मिशन में पत्रकारों, शोधकर्ताओं और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों को शामिल किया जाए।
  • यूरोपीय संघ समेत अन्य वैश्विक शक्तियां पाकिस्तान के साथ अपने कूटनीतिक और आर्थिक संबंधों में मानवाधिकारों को प्राथमिकता दें।
  • पाकिस्तान के साथ व्यापारिक और राजनीतिक संबंधों की समीक्षा की जाए।

बता दें कि बलूचिस्तान में सुरक्षा बलों की कार्रवाई और गैर-न्यायिक हत्याओं के आरोप लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठते रहे हैं, हालांकि पाकिस्तान सरकार और वहां के सुरक्षा संस्थान इन दावों को अक्सर खारिज करते आए हैं।

चेतन शुक्ला
Official Verified Account

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

आपकी प्रतिक्रिया?


आपको यह भी पसंद आ सकता हैं

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!