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एक घंटा पहले
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विश्व मंच पर भारत की शानदार जीत
राजस्थान के जोबनेर की रहने वाली युवा तीरंदाज खुशी कुमावत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को गौरवान्वित किया है। हाल ही में दक्षिण कोरिया में संपन्न हुई विश्व तीरंदाजी युवा आमंत्रण प्रतियोगिता-2026 में खुशी ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। उन्होंने अंडर-21 महिला रिकर्व टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। फाइनल मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों ने बेहतरीन तालमेल दिखाते हुए मेजबान टीम कोरिया-ए को 5-3 के अंतर से करारी शिकस्त दी।
गुलेल से स्वर्ण पदक तक का सफर
खुशी के पिता सांवर मल कुमावत के अनुसार, उनकी बेटी के इस खेल के प्रति लगाव की शुरुआत बहुत ही सामान्य तरीके से हुई थी। बचपन में खुशी अपने घर पर गुलेल की मदद से पेड़ों पर लगे फलों को निशाना बनाती थी, जो उनके सटीक निशाने की नींव बनी। इस जुनून को उन्होंने पेशेवर प्रशिक्षण के साथ आगे बढ़ाया और कभी भी अभ्यास करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
लगातार ऊंचाइयों को छूती खिलाड़ी
राष्ट्रीय चयन स्पर्धाओं में अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर खुशी कुमावत ने भारतीय टीम में अपनी जगह पक्की की। यह उनकी पहली अंतरराष्ट्रीय सफलता नहीं है, बल्कि इससे पहले वर्ष 2023 में भी वे ताइवान एशिया कप में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। निरंतर अभ्यास और कड़े अनुशासन के कारण ही वे आज विश्व स्तर पर भारत के लिए पदक जीतने में सफल रही हैं। उनकी यह उपलब्धि क्षेत्र के अन्य उभरते खिलाड़ियों के लिए भी एक बड़ी प्रेरणा है।
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