खेल
एक घंटा पहले
2
विचारों
ब्रिज खेल के लिए बड़ा कदम
भारत में ब्रिज खेल के भविष्य को नई दिशा देने के लिए एक ऐतिहासिक समझौता हुआ है। गोवा में जारी 5वीं बोनस एशिया कप ब्रिज चैंपियनशिप के उद्घाटन अवसर पर ब्रिज फेडरेशन ऑफ इंडिया (BFI) और जेकेसी स्पोर्ट्स ने एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का उद्देश्य देश में ब्रिज के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार करना और इसे पेशेवर स्तर पर आगे ले जाना है।
प्रतियोगिता में 16 देशों की भागीदारी
यह चैंपियनशिप ब्रिज प्रेमियों के लिए एक बड़े आयोजन की तरह है, जिसमें 16 देशों की 46 टीमों के कुल 290 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। 21 से 27 जून तक चलने वाले इस टूर्नामेंट में ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, चीन, दक्षिण कोरिया और मेजबान भारत समेत कई देशों के खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। भारत की टीम अपने पिछले प्रदर्शन को दोहराने और खिताब बचाने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरी है।
साझेदारी की मुख्य विशेषताएं
जेकेसी स्पोर्ट्स और BFI के बीच हुई यह डील जमीनी स्तर पर खेल के विकास पर केंद्रित है। इसमें निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर काम किया जाएगा:
- स्कूलों और कॉलेजों में ब्रिज खेल का विस्तार करना।
- टेक्निकल डायरेक्टर अकादमी (TD Academy) की स्थापना।
- युवा खिलाड़ियों के लिए मेंटर-मेंटी प्रोग्राम चलाना।
- खेल को तकनीकी रूप से सक्षम और सुलभ बनाना।
क्या है ब्रिज और इसकी अहमियत
ब्रिज को अक्सर 'ताश का शतरंज' कहा जाता है। यह खेल पूरी तरह किस्मत पर निर्भर नहीं है, बल्कि इसमें रणनीति, याददाश्त और बेहतरीन पार्टनरशिप की जरूरत होती है। ब्रिज की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसे इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी (IOC) द्वारा मान्यता प्राप्त है और इसे ओलंपिक में भी खेला जाता है। इस खेल में 52 पत्तों की गड्डी के साथ दो-दो खिलाड़ियों की जोड़ियां आमने-सामने होती हैं।
लीडरशिप का नजरिया
जेके सीमेंट के सीईओ और जेकेसी स्पोर्ट्स के सह-संस्थापक माधव सिंघानिया ने कहा कि भारत में ब्रिज के प्रशंसक हमेशा से रहे हैं, लेकिन पेशेवर ढांचे की कमी के कारण यह खेल पीछे था। अब इस साझेदारी के जरिए हम नई पीढ़ी के लिए इसे अधिक आकर्षक और व्यवस्थित बनाना चाहते हैं।
संस्थाओं का परिचय
ब्रिज फेडरेशन ऑफ इंडिया (BFI) वर्ष 1952 में स्थापित भारत में ब्रिज की सर्वोच्च संस्था है, जिसे युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय की मान्यता प्राप्त है। वहीं, जेकेसी स्पोर्ट्स की स्थापना वर्ष 2025 में डॉ. राघवपत सिंघानिया और माधव सिंघानिया द्वारा की गई थी, जिसका मकसद खेल अवसंरचना और खिलाड़ी विकास में योगदान देना है।
Comments
0 comment