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एक घंटा पहले
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भोजपुर के तीरंदाजों का शानदार प्रदर्शन
बिहार की सीनियर राष्ट्रीय तीरंदाजी टीम के लिए हुए चयन ट्रायल में भोजपुर जिले के खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। पटना के कंकड़बाग स्थित बिहार राज्य खेल प्राधिकरण में आयोजित इस प्रतियोगिता में भोजपुर के खिलाड़ियों ने न केवल हिस्सा लिया, बल्कि चयन प्रक्रिया के हर चरण में अपनी श्रेष्ठता साबित की। इंडियन राउंड के तहत पुरुष और महिला वर्ग के लिए जो आठ खिलाड़ी बिहार टीम के लिए चुने गए हैं, वे सभी केवल भोजपुर जिले से आते हैं। यह उपलब्धि किसी भी जिला स्तरीय खेल इतिहास के लिए बेहद मायने रखती है, क्योंकि राज्य स्तर की टीम में पूरी तरह एक ही जिले का वर्चस्व होना अपने आप में दुर्लभ है।
राष्ट्रीय प्रतियोगिता की राह
बिहार टीम के ये चयनित खिलाड़ी अब मेघालय की राजधानी शिलांग में आयोजित होने वाली सीनियर राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे। इस प्रतियोगिता में देश भर के शीर्ष तीरंदाज शामिल होंगे, जिससे मुकाबला काफी कड़ा होने की उम्मीद है। भोजपुर के इन खिलाड़ियों के लिए राज्य स्तरीय चयन मात्र एक शुरुआती पड़ाव है, जबकि वास्तविक परीक्षा शिलांग के मैदान पर होगी। वहां इन खिलाड़ियों को अपनी तकनीक, एकाग्रता और धैर्य का प्रदर्शन करना होगा, ताकि वे बिहार का नाम राष्ट्रीय स्तर पर ऊंचा कर सकें।
पुरुष और महिला वर्ग में चयन सूची
चयन ट्रायल के परिणाम के बाद आधिकारिक सूची जारी कर दी गई है। इंडियन राउंड के पुरुष वर्ग में भोजपुर के चार प्रतिभावान खिलाड़ियों ने जगह बनाई है, जिनमें आयुष कुमार, शुभम समीर, श्रेयस कुमार और पीयूष केसरी शामिल हैं। वहीं महिला वर्ग में भोजपुर की लड़कियों ने एकतरफा दबदबा कायम किया। इसमें पूजा कुमारी ने पहला स्थान हासिल किया, सपना कुमारी दूसरे स्थान पर रहीं, जबकि संस्कृति कुमारी और शोनी कुमारी ने क्रमशः तीसरा और चौथा स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा, रिकर्व राउंड में भी भोजपुर के दो धुरंधरों सामर्थ कुमार और शुभम कुमार ने क्रमशः पहला और दूसरा स्थान हासिल कर बिहार टीम में अपनी जगह सुनिश्चित की है। इस प्रकार कुल 10 खिलाड़ियों ने भोजपुर का गौरव बढ़ाया है।
सफलता के पीछे की कड़ी मेहनत
भोजपुर के तीरंदाजों की इस सफलता के पीछे कोई जादुई चमत्कार नहीं, बल्कि वर्षों का कड़ा अनुशासन और निरंतर अभ्यास है। तीरंदाजी एक ऐसा खेल है जहां शारीरिक बल से ज्यादा मानसिक संतुलन की आवश्यकता होती है। खिलाड़ियों को अपनी एकाग्रता को चरम पर रखना होता है ताकि निशाना साधते समय उनकी नसें न कांपें। उनके प्रशिक्षक इस बात पर विशेष जोर देते हैं कि कैसे सीमित संसाधनों के बावजूद विश्वस्तरीय प्रदर्शन किया जाए। अभ्यास के दौरान वे अपनी आंखों और हाथों के बीच तालमेल बिठाने पर घंटों काम करते हैं। भोजपुर के खिलाड़ियों का यह प्रशिक्षण दिनचर्या काफी कठिन है, जिसमें तकनीक को सुधारने और अपनी छोटी-छोटी गलतियों को दूर करने पर ध्यान दिया जाता है।
जिले में उत्साह का माहौल
इस बड़ी उपलब्धि के बाद भोजपुर जिले के खेल प्रेमियों में खुशी की लहर है। जिला खेल पदाधिकारी मीनू कुमारी ने चयनित खिलाड़ियों को उनकी ऐतिहासिक सफलता के लिए बधाई दी है। भोजपुर के जिलाधिकारी के साथ-साथ तीरंदाजी संघ के अध्यक्ष यशवंत नारायण, संरक्षक संजय मिश्रा, उपाध्यक्ष कुमार मंगलम और संयुक्त सचिव शोनी कुमारी ने भी इन खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। कुमार विजय समेत अन्य खेल प्रेमियों का मानना है कि यह उपलब्धि न केवल इन खिलाड़ियों के लिए बल्कि पूरे भोजपुर के लिए प्रेरणा का स्रोत है। सभी को उम्मीद है कि शिलांग में भी ये खिलाड़ी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दोहराएंगे।
भोजपुर का बढ़ता दबदबा
यह पहला मौका नहीं है जब भोजपुर के खिलाड़ियों ने अपनी छाप छोड़ी है, लेकिन इस बार का प्रदर्शन बेहद खास रहा है। जिस प्रकार से इंडियन राउंड के सभी आठों स्लॉट पर भोजपुर के खिलाड़ियों ने कब्जा जमाया है, उसने राज्य के खेल जगत का ध्यान अपनी ओर खींचा है। यह दर्शाता है कि भोजपुर में तीरंदाजी के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम विकसित हो रहा है। अगर इसी प्रकार से खिलाड़ियों को उचित प्रशिक्षण और प्रोत्साहन मिलता रहा, तो आने वाले समय में यहां से और भी बड़े खिलाड़ी निकलकर सामने आएंगे। राज्य स्तर पर मिली इस जीत ने यह सिद्ध कर दिया है कि मेहनत और सही दिशा में किए गए प्रयास हमेशा फल देते हैं।
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