शैंपेन का गिलास उठाकर भी जयशंकर ने नहीं पी शराब, वीडियो देखकर लोग कर रहे भारतीय संस्कारों की प्रशंसा राष्ट्रीय राजनीति 2 घंटे पहले 7
विदेश मंत्री एस जयशंकर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बना हुआ है, जिसमें वे एक रिसेप्शन के दौरान प्रोटोकॉल का पालन करते हुए टोस्ट तो करते हैं, लेकिन बिना शराब पिए गिलास वापस टेबल पर रख देते हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ विदेश मंत्री का वीडियो

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर का एक वीडियो इन दिनों इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वे अपनी सादगी और भारतीय संस्कारों का परिचय देते हुए नजर आ रहे हैं। मामला बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्थित जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर का है, जहां फ्रीडम 250 रिसेप्शन का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में विदेश मंत्री एस जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो एक साथ मौजूद थे। वहां हुई एक विशेष घटना ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनकी खूब तारीफ की जा रही है।

प्रोटोकॉल का पालन पर संस्कारों से समझौता नहीं

रिसेप्शन के दौरान राजनयिक परंपराओं का पालन करते हुए एस जयशंकर और मार्को रुबियो ने एक-दूसरे के सम्मान में शैंपेन टोस्ट उठाया। दुनिया भर के बड़े मंचों पर यह एक सामान्य राजनयिक प्रोटोकॉल है, जहां अतिथियों का अभिवादन करने के लिए गिलासों को आपस में टकराया जाता है। हालांकि, इस पल में जो चीज सबसे अधिक चर्चा में रही, वह यह थी कि गिलास से चीयर्स करने के बाद एस जयशंकर ने शैंपेन को चखा तक नहीं और उसे वापस पीछे रखी टेबल पर रख दिया। लोगों का मानना है कि यह उनके गहरे भारतीय मूल्यों और सिद्धांतों को दर्शाता है, जिसे वे विदेश में रहकर भी पूरी मजबूती से निभाते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी के साथ भी हुई हैं ऐसी घटनाएं

यह पहला मौका नहीं है जब किसी भारतीय नेता के इस तरह के आचरण ने लोगों का दिल जीता हो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी ऐसे कई वीडियो अतीत में सामने आए हैं, जिनमें वे अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल का सम्मान तो करते हैं, लेकिन अपनी जीवनशैली के अनुसार शराब का सेवन नहीं करते। फ्रांस के पेरिस स्थित लूव्र संग्रहालय में आयोजित एक राजकीय रात्रिभोज के दौरान, राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन के साथ प्रधानमंत्री मोदी ने टोस्ट के लिए गिलास तो उठाया था, लेकिन घूंट भरे बिना ही उसे टेबल पर वापस रख दिया था।

इसी प्रकार, वर्ष 2023 में व्हाइट हाउस स्टेट डिनर के दौरान भी एक ऐसी ही स्थिति देखने को मिली थी। तब अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ रात्रिभोज करते हुए प्रधानमंत्री मोदी और जो बाइडन दोनों ने अदरक के पानी से भरे गिलासों के साथ टोस्ट किया था, क्योंकि जो बाइडन भी शराब का सेवन नहीं करते हैं।

आखिर क्यों जरूरी होता है टोस्ट

अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में टोस्ट करना एक बहुत ही स्थापित और पुरानी परंपरा मानी जाती है। जब भी कोई वरिष्ठ नेता किसी विदेशी दौरे पर जाता है या किसी वैश्विक सम्मेलन में हिस्सा लेता है, तो मेजबान देश द्वारा आयोजित रात्रिभोज के दौरान सम्मान व्यक्त करने के लिए गिलासों को टकराया जाता है। जो नेता व्यक्तिगत कारणों या अपनी जीवनशैली के चलते शराब से परहेज करते हैं, वे इस परंपरा को निभाने के लिए या तो जूस या पानी का उपयोग करते हैं, या फिर एस जयशंकर की तरह केवल गिलास उठाकर चीयर्स करते हैं और बिना पिए उसे सम्मान के साथ वापस रख देते हैं।

करण मल्होत्रा पाबना के अंतरराष्ट्रीय संवाददाता हैं, जो अमेरिका, यूरोप और एशिया की खबरें रिपोर्ट करते हैं। वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और बड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर वे नजर रखते हैं। उनकी रिपोर्ट्स दुनिया की हलचल को पाठकों तक तेजी से पहुंचाती हैं।

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