हरियाणा
एक घंटा पहले
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विचारों
सरकार और कर्मचारियों के बीच गतिरोध
हरियाणा में बिजली विभाग के कर्मचारियों ने सरकार के साथ हुई वार्ता के बेनतीजा रहने के बाद मोर्चा खोल दिया है। हरियाणा पावर एम्प्लॉईज यूनियन ने 22 अक्टूबर से 24 अक्टूबर तक राज्यव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है, जिसके चलते पूरे प्रदेश में प्रशासन सतर्क हो गया है। बीती रात से ही कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया है, जिससे बिजली व्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। हिसार समेत राज्य के कई जिलों में प्रशासन ने कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए कमर कस ली है और बिजली संयंत्रों की सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं।
प्रशासन का कड़ा रुख और धारा 163
हड़ताल के दौरान किसी भी प्रकार के उपद्रव या अव्यवस्था को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। प्रशासन ने सभी बिजली संस्थानों के 100 मीटर के दायरे में धारा 163 लागू करने का आदेश दिया है। इसका सीधा अर्थ है कि बिजली दफ्तरों या सब-स्टेशनों के आसपास भीड़ जमा करने या प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि किसी ने अव्यवस्था फैलाने की कोशिश की, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, बिजली संस्थानों पर उच्च अधिकारियों की निगरानी रहेगी और पूरे सिस्टम की बारीकी से मॉनिटरिंग की जाएगी।
सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल तैनात
हड़ताल के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद कर दिया गया है। उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक की सीधी निगरानी में सुरक्षा का खाका तैयार किया गया है। राज्य भर के सब-स्टेशन, थर्मल पावर स्टेशन और अन्य महत्वपूर्ण वितरण केंद्रों पर कुल 400 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। इसके साथ ही 20 क्विक रिस्पांस और इमरजेंसी टीमें गठित की गई हैं, जो किसी भी सूचना पर तुरंत कार्रवाई करेंगी। महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर ड्यूटी मजिस्ट्रेटों की नियुक्ति भी की गई है, जो मौके पर रहकर स्थिति पर नजर रखेंगे।
जरूरी सेवाओं पर खास फोकस
हड़ताल की मार आम जनता पर न पड़े, इसके लिए प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था की है। अस्पतालों, जल आपूर्ति और रेलवे जैसी अनिवार्य सेवाओं (एसेंशियल सर्विसेज) में बिजली की किल्लत न हो, इसके लिए विशेष निगरानी तंत्र बनाया गया है। इन क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति को सुचारू रखने के लिए उच्च स्तर पर निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, आम लोग यदि किसी भी तरह की अव्यवस्था या बिजली संबंधी समस्या देखते हैं, तो वे तुरंत 112 नंबर पर डायल करके मदद मांग सकते हैं।
नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) के नंबर
प्रशासन ने 24 घंटे सक्रिय रहने वाले कई कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं, जहां शिफ्टों में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है:
- उपायुक्त कार्यालय कंट्रोल रूम: 01662-231137
- पुलिस अधीक्षक कार्यालय कंट्रोल रूम: 01662-237150, 8814012342
- दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम कंट्रोल रूम: 09812452597
विवाद की जड़ क्या है
यह पूरा विवाद गुरुग्राम और नूंह जिलों में 11 पावर नामक निजी कंपनी को 25 वर्षों के लिए समानांतर विद्युत वितरण लाइसेंस देने के फैसले के कारण खड़ा हुआ है। बिजली मंत्री अनिल विज ने इस मुद्दे पर कहा है कि सरकार ने भी इस निजीकरण का विरोध किया था और वे इस मामले को लेकर नियामक आयोग के फैसले के खिलाफ अपील करेंगे। दूसरी ओर, बिजली कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार लाभ कमाने वाले विभाग को निजी हाथों में सौंपकर सरकारी व्यवस्था को कमजोर कर रही है। उनका तर्क है कि इससे न केवल बिजली वितरण व्यवस्था प्रभावित होगी, बल्कि सरकारी कर्मचारियों के भविष्य पर भी बड़ा संकट मंडरा रहा है।
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