राष्ट्रीय राजनीति
एक घंटा पहले
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दिल्ली में रूसी राष्ट्रपति का आगमन
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत की राजधानी दिल्ली पहुंच गए हैं। उनका यह दौरा आगामी ब्रिक्स समिट के संदर्भ में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 11 सितंबर 2026 की अल सुबह पुतिन का विशेष विमान दिल्ली के पालम एयर फोर्स स्टेशन पर उतरा। उनके आगमन के दौरान प्रोटोकॉल के तहत विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह वहां मौजूद थे, जिन्होंने पुतिन का स्वागत किया। पुतिन के साथ उनकी सुरक्षा के लिए तैनात विशेष दस्ता पूरी तरह से मुस्तैद दिखाई दिया और उनके साथ कदम से कदम मिलाकर चलता रहा।
सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर का सच
पुतिन के दिल्ली उतरते ही एक तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें वे विमान से बाहर आते समय एक रशियन महिला से हाथ मिलाते हुए नजर आ रहे हैं। लोग इस महिला की पहचान को लेकर उत्सुक हैं। आपको बता दें कि यह महिला कोई राजनयिक या उच्च अधिकारी नहीं है, बल्कि पुतिन के सरकारी विमान की केबिन क्रू सदस्य है। वह फ्लाइट अटेंडेंट या एयर होस्टेस के तौर पर अपनी ड्यूटी निभा रही हैं। रूसी राष्ट्रपति जब भी किसी आधिकारिक विदेश दौरे पर जाते हैं, तो उनके विमान के दरवाजे पर तैनात क्रू सदस्य उनका इसी तरह से स्वागत करते हैं और पुतिन शिष्टाचार के नाते उनसे हाथ मिलाते हैं।
उड़ता हुआ क्रेमलिन: पुतिन का विशेष विमान
पुतिन जिस विमान से दिल्ली पहुंचे हैं, वह Ilyushin Il-96-300PU है। इस विशेष विमान को फ्लाइंग क्रेमलिन के नाम से भी जाना जाता है। यह कोई सामान्य विमान नहीं है, बल्कि इसे एक चलते-फिरते मोबाइल कमांड सेंटर के रूप में तैयार किया गया है। इसमें अत्याधुनिक संचार प्रणालियां और सुरक्षा के अभेद्य कवच मौजूद हैं। पुतिन की यात्रा की तैयारी कितनी व्यापक थी, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उनके आने से पहले ही तीन रूसी सैन्य ट्रांसपोर्ट विमान नोएडा एयरपोर्ट पर उतर चुके थे। इन विमानों के जरिए रूस से एक एडवांस सुरक्षा टीम, सुरक्षाकर्मी और पुतिन का विशेष काफिला यानी Aurus Senat जैसी बख्तरबंद गाड़ियां पहले ही दिल्ली पहुंचाई जा चुकी थीं।
प्रधानमंत्री मोदी के साथ बैठक
अपनी इस भारत यात्रा के दौरान व्लादिमीर पुतिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। ब्रिक्स समिट से इतर होने वाली इन मुलाकातों में दोनों देशों के बीच व्यापार, सुरक्षा और वैश्विक रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा होने की संभावना है। पुतिन का शुक्रवार सुबह करीब 3 बजे दिल्ली में उतरना उनकी सुरक्षा और कार्यशैली की बारीकियों को दर्शाता है, जिसके बाद अब दुनिया की नजरें भारत और रूस के बीच होने वाली उच्च स्तरीय वार्ता पर टिकी हुई हैं।
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