चंडीगढ़-मोहाली में ठहरी ओला-उबर की रफ्तार, मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे ड्राइवर पंजाब 2 महीने पहले 42
चंडीगढ़ और मोहाली में ओला-उबर ड्राइवरों ने किराया बढ़ाने समेत कई मांगों को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया है, जिसका सीधा असर कैब सेवाओं पर पड़ रहा है। ड्राइवरों का कहना है कि यह आंदोलन 16 जून तक जारी रह सकता है।

चंडीगढ़ और मोहाली में ओला तथा उबर के ड्राइवर अपनी मांगों को लेकर आंदोलन पर उतर आए हैं, जिससे यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। हड़ताल का असर कैब बुकिंग पर साफ नजर आ रहा है। ड्राइवरों का कहना है कि अगर उनकी बात नहीं सुनी गई तो वे 16 जून तक यह आंदोलन जारी रख सकते हैं।

आखिर क्यों हो रहा है आंदोलन

आशंका जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में भी कैब सेवाएं प्रभावित रहेंगी। ड्राइवरों का आरोप है कि उन्हें मिलने वाला किराया बेहद कम है और कंपनियों की प्राइसिंग नीति पूरी तरह मनमानी पर आधारित है। उनकी मांग है कि न्यूनतम बेस फेयर तय किया जाए और सरकार किराया संरचना को नियंत्रित करे। कम किराया, लगातार बढ़ता खर्च, न्यूनतम फेयर की मांग और कंपनियों की नीतियों के खिलाफ ही ड्राइवर सड़कों पर हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार, कैब ड्राइवरों का यह आंदोलन सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगा। इस अवधि में वे किसी भी सवारी को न तो लाएंगे और न ही कहीं छोड़ेंगे। ड्राइवरों के मुताबिक, साल 2025 में चंडीगढ़ प्रशासन ने उनके लिए किराया 25 किमी. प्रति किमी. तय किया था। इसके बाद पेट्रोल, डीजल और सीएनजी कई बार महंगे हो चुके हैं, लेकिन कैब के किराए में कोई बदलाव नहीं किया गया।

ड्राइवरों का कहना है कि सीएनजी 9 रुपये तक महंगी हो चुकी है और पेट्रोल-डीजल की कीमतें भी लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में वे किराए को 25 रुपये से बढ़ाकर 35 रुपये प्रति किमी. किए जाने की मांग कर रहे हैं। ड्राइवर एसोसिएशन का कहना है कि किराया बढ़ाने की मांग को लेकर वे कई बार अधिकारियों से मिले, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। इसी वजह से अब उन्हें हड़ताल पर जाना पड़ा है।

दिल्ली-एनसीआर में भी हुई थी ऑटो-टैक्सी हड़ताल

गौरतलब है कि 21 से 23 मई तक दिल्ली-एनसीआर में भी ऑटो और टैक्सी चालकों ने हड़ताल की थी। इसका खामियाजा दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम के लाखों लोगों को उठाना पड़ा था। यह हड़ताल कमर्शियल वाहनों पर ईसीसी बढ़ाए जाने और बीएस-4 या उससे पुराने वाहनों पर लगे प्रतिबंध के विरोध में की गई थी। हालांकि उस समय ओला, उबर और रैपिडो जैसी एप आधारित सेवाओं ने इस हड़ताल को समर्थन नहीं दिया था।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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