वंदे मातरम पर कांग्रेस का बड़ा ऐलान, कहा- सिर्फ दो पद ही गाएंगे, भाजपा ने किया पलटवार भारत एक घंटा पहले 3
कांग्रेस ने अपने कार्यक्रमों में वंदे मातरम के पूरे छह पदों के बजाय केवल दो पद गाने का निर्णय लिया है, जिस पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

पार्टी कार्यक्रमों को लेकर कांग्रेस का रुख

कांग्रेस ने अब आधिकारिक रूप से यह स्पष्ट कर दिया है कि कांग्रेस शासित राज्यों और पार्टी के आयोजनों में राष्ट्रगीत वंदे मातरम के केवल दो पदों का ही गायन किया जाएगा। पार्टी का तर्क है कि वे लंबे समय से चली आ रही परंपरा का पालन कर रहे हैं। इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब हाल ही में गोवा में आयोजित एक कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकाअर्जुन खरगे की मौजूदगी में वंदे मातरम का केवल संक्षिप्त रूप गाया गया। इस घटना के बाद भाजपा ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया, जिसके जवाब में कांग्रेस ने खुलकर अपनी रणनीति सार्वजनिक कर दी है।

कानूनी स्थिति और कांग्रेस की चुनौती

कांग्रेस नेता बीके हरिप्रसाद ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कार्यक्रमों में वे कानून का सम्मान करते हुए पूरा राष्ट्रगीत गाएंगे, लेकिन पार्टी के निजी या संगठनात्मक कार्यक्रमों में केवल वे दो पद ही गाए जाएंगे जो पिछले 90 वर्षों से गाए जा रहे हैं। गौरतलब है कि संसद के पिछले सत्र में एक कानून के तहत राष्ट्रगीत के सभी छह पदों को गाने का नियम निर्धारित किया गया था। इस नियम के उल्लंघन पर तीन साल की जेल का प्रावधान भी है। हालांकि, कांग्रेस नेताओं ने इसे चुनौती देते हुए कहा है कि सरकार चाहे तो उन्हें जेल भेज दे, लेकिन वे अपनी वर्षों पुरानी परंपरा से पीछे नहीं हटेंगे।

खरगे का बयान और राजनीतिक जुबानी जंग

गोवा में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मल्लिकाअर्जुन खरगे ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस को भाजपा से राष्ट्रप्रेम का पाठ सीखने की आवश्यकता नहीं है। खरगे ने सवाल उठाते हुए पूछा कि यदि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान महात्मा गांधी और सरदार पटेल जैसे नायकों ने वंदे मातरम के केवल दो पद गाए थे, तो क्या उन्हें भी देशद्रोही माना जाएगा? स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले पर पूरा राष्ट्रगीत गाया गया था, लेकिन कांग्रेस दफ्तर में ध्वजारोहण के दौरान सोनिया गांधी द्वारा इसे बीच में रोकने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसे भाजपा ने बड़ा मुद्दा बनाया था।

भाजपा का तीखा हमला

भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया है कि पार्टी आज भी उसी गलती को दोहरा रही है जो उन्होंने 90 साल पहले मुस्लिम लीग के दबाव में की थी। उन्होंने कहा कि तुष्टीकरण की राजनीति के चलते कांग्रेस राष्ट्रहित को दरकिनार कर रही है, जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ेगा। इस बीच महाराष्ट्र कांग्रेस के नेता नाना पटोले ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा को उन्हें देशभक्ति सिखाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने जोर दिया कि पार्टी कार्यकर्ता वही करेंगे जो हाईकमान का निर्देश होगा और केवल कानून बना देने से सच्चाई नहीं बदलती।

वंदे मातरम का इतिहास

बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा रचित वंदे मातरम स्वतंत्रता संग्राम के दौरान भारत मां की वंदना का प्रतीक बना था। बंकिम चंद्र ने इसमें किसी भी तरह का धार्मिक भेदभाव नहीं रखा था, लेकिन उस समय मुस्लिम लीग ने इसका विरोध शुरू कर दिया था। उस कालखंड में भी इसके केवल दो पदों को ही गाने की परंपरा शुरू हुई थी। अब जब संसद ने इसे कानूनी मान्यता देकर पूरे छह पदों का गायन अनिवार्य कर दिया है, तो इसका विरोध करना राजनीतिक गलियारों में बहस का मुख्य विषय बन गया है। कांग्रेस इस फैसले पर अडिग है, जबकि भाजपा इसे राष्ट्रीय गौरव के अपमान से जोड़कर देख रही है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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