घर पर बनाए नूडल्स आपस में चिपक जाते हैं? इन आसान टिप्स से हर लच्छा बनेगा अलग और परफेक्ट जीवनशैली एक महीने पहले 17
घर पर नूडल्स बनाते समय अक्सर वे गल जाते हैं या आपस में चिपक जाते हैं। जानिए वे आसान तरीके जिनसे हर नूडल अलग, खिला-खिला और स्वादिष्ट बनेगा।

हक्का नूडल्स हो या चाउमीन, ज़्यादातर लोगों को नूडल्स खाना बेहद पसंद होता है। कई बार मन करता है कि इन्हें बाहर से मंगाने की बजाय घर पर ही बनाया जाए, लेकिन तभी एक आम परेशानी सामने आ जाती है। घर पर बनाते समय नूडल्स अक्सर गीले होकर आपस में चिपक जाते हैं, जिससे उनका असली स्वाद नहीं आ पाता। अगर आपके साथ भी ऐसा ही होता है तो कुछ आसान तरीके अपनाकर आप हर नूडल को एक-दूसरे से अलग और बिल्कुल परफेक्ट बना सकते हैं।

नूडल्स को चिपकने से बचाने के आसान तरीके

थोड़ी-सी सावधानी और सही तकनीक से नूडल्स गलने और चिपकने की समस्या पूरी तरह दूर हो जाती है। नीचे बताए गए चरणों को एक-एक करके अपनाएं।

खूब सारे उबलते पानी में डालें

नूडल्स बनाने की शुरुआत उन्हें उबालने से होती है। हमेशा एक बड़े बर्तन में ज़्यादा पानी लेकर ही नूडल्स उबालें। कम पानी में डालने पर पानी का तापमान तेज़ी से गिर जाता है और नूडल्स आपस में चिपकने लगते हैं।

पानी में नमक और तेल ज़रूर मिलाएं

जब पानी में अच्छी तरह उबाल आ जाए तो उसमें 1 चम्मच नमक और 1-2 चम्मच तेल डाल दें। तेल नूडल्स को आपस में चिपकने से रोकता है, जबकि नमक से वे अंदर तक स्वादिष्ट और नमकीन हो जाते हैं।

ज़्यादा न पकाएं

उबालते समय ध्यान रखें कि नूडल्स को पूरी तरह नहीं पकाना है। ज़्यादा पकाने पर वे गल जाते हैं, इसलिए इन्हें सिर्फ़ 90% तक ही पकाएं। बाद में जब इन्हें सब्जियों के साथ पकाया जाएगा, तब ये पूरी तरह तैयार हो जाएंगे।

तुरंत ठंडे पानी से धोएं

उबले हुए नूडल्स को छानने के तुरंत बाद उन पर ठंडा पानी डालें या कुछ सेकंड के लिए बर्फ वाले पानी में निकाल लें। इससे इनकी पकने की प्रक्रिया रुक जाती है और नूडल्स न तो गलते हैं और न ही आपस में चिपकते हैं।

तेल से करें हल्की कोटिंग

पानी पूरी तरह निकल जाने के बाद नूडल्स में 1 छोटा चम्मच तेल डालकर हाथों से अच्छी तरह मिला लें। इससे नूडल्स पर एक पतली परत बन जाती है और वे बिल्कुल भी नहीं चिपकते।

प्रिया नायर पाबना की लाइफस्टाइल एवं फैशन एडिटर हैं, जो फैशन, ब्यूटी और लाइफस्टाइल ट्रेंड्स कवर करती हैं। रिश्तों, संस्कृति और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर भी वे लिखती हैं। उनका लेखन आधुनिक और भारतीय जीवनशैली का संतुलन पेश करता है।

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