FSSAI का नया आदेश: खाद्य पैकिंग में स्टेपल पिन और मेटल तार पर पूरी तरह रोक, खरीदार भी रहें सतर्क व्यापार एक महीने पहले 27
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने खाने की चीजों की पैकिंग में स्टेपल पिन और धातु के तारों के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। यह नियम लागू हो चुका है और इसका असर दुकानदारों के साथ-साथ उपभोक्ताओं पर भी पड़ेगा।

अगर आप कोई दुकान चलाते हैं और वहां खाने-पीने की चीजें बेचते हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद अहम है। उपभोक्ताओं की सेहत और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने एक नया और जरूरी नियम जारी किया है। अब किराना दुकानों, मिठाई की दुकानों, बेकरी, होटल, रेस्टॉरेंट समेत तमाम फूड बिजनेस ऑपरेटरों (FBOs) को खाद्य पदार्थों की पैकिंग में स्टेपल पिन या धातु के तारों का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होगी। यह प्रतिबंध लागू हो चुका है।

दुकानदारों को बरतनी होगी सावधानी

नया नियम प्रभावी होने के बाद खाद्य कारोबार से जुड़े हर दुकानदार को यह सुनिश्चित करना होगा कि पैकिंग के दौरान कहीं भी स्टेपल पिन या मेटल के तार का प्रयोग न हो। अक्सर किराना दुकानों पर नमकीन या दूसरी खाद्य वस्तुओं की लड़ी को आपस में जोड़ने के लिए स्टेपल पिन लगाई जाती है। अब ऐसे दुकानदारों को भी इस आदत को पूरी तरह छोड़ना होगा और नमकीन या किसी भी खाने की चीज की लड़ी जोड़ने के लिए स्टेपल पिन का उपयोग नहीं करना होगा।

इन चीजों की पैकिंग में होता है पिन का प्रयोग

FSSAI के अनुसार फैंसी केक, खाने के पैकेट, केक बॉक्स, मिठाई के डिब्बे, स्नैक पाउच, टेकअवे फूड पार्सल और इसी तरह के दूसरे पैकेटों को बंद करने या बांधने के लिए अक्सर धातु की पिन और तारों का सहारा लिया जाता है। यही नहीं, ऑनलाइन खाना पहुंचाने वाले कई होटल और रेस्टॉरेंट भी पैकिंग में स्टेपल पिन या मेटल के तारों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

खाने में मिले पिन और तार के टुकड़े

प्राधिकरण का कहना है कि उसके सामने ऐसे कई मामले आए हैं जिनमें खाने की चीजों के भीतर स्टेपल पिन या तार के टुकड़े पाए गए। यदि कोई व्यक्ति भोजन के साथ इन पिन या तार के टुकड़ों को निगल ले, तो इससे कई तरह के गंभीर खतरे पैदा हो सकते हैं। FSSAI ने स्पष्ट किया है कि नियमों की अनदेखी करने वाले दुकानदारों के विरुद्ध फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उपभोक्ता भी रहें सतर्क

दुकानदारों के साथ-साथ खरीदारों की भी जिम्मेदारी बनती है कि वे खरीदारी करते समय यह जरूर देख लें कि जो सामान वे ले रहे हैं, उसकी पैकिंग में कहीं स्टेपल पिन या धातु के तार का तो इस्तेमाल नहीं किया गया है।

राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

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