नेपाल में कुदरती कहर का तांडव, 105 भारतीयों समेत 384 लोग लापता, पीएम मोदी ने जताया दुख राष्ट्रीय राजनीति एक घंटा पहले 5
नेपाल के रसुवा में भोटेकोशी नदी में आई अचानक बाढ़ से हाहाकार मच गया है, जिसमें 105 भारतीयों सहित कुल 384 लोग लापता हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से बात कर हर संभव मदद का भरोसा दिया है।

नेपाल में फ्लैश फ्लड का भयानक मंजर

नेपाल में प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिला है। रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी के जलस्तर में अचानक हुई जबरदस्त बढ़ोतरी ने भारी तबाही मचा दी है। इस आकस्मिक बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड के कारण मची अफरा-तफरी में 105 भारतीयों समेत कुल 384 यात्री लापता बताए जा रहे हैं। इस दुखद और चुनौतीपूर्ण घड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से फोन पर बातचीत की है। प्रधानमंत्री ने इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए नेपाल को भारत की ओर से हर संभव मानवीय सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।

भारत का नेपाल के साथ खड़ा होना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर संदेश देते हुए कहा है कि इस कठिन समय में भारत नेपाल के अपने भाई-बहनों के साथ मजबूती से खड़ा है। दोनों देशों की बचाव टीमें मिलकर राहत कार्य में जुटी हैं। नेपाल के पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में लापता हुए कुल लोगों में से 291 विदेशी नागरिक हैं। प्रधानमंत्री ने अपनी बातचीत में जोर दिया है कि भारत नेपाल की हर जरूरत को पूरा करने के लिए तैयार है ताकि राहत कार्य में कोई कमी न रहे।

कैसे आया यह मौत का सैलाब

बुधवार की तड़के भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक बहुत ऊपर चला गया। पानी का बहाव इतना तेज था कि वह नदी के किनारों को तोड़ते हुए रिहायशी और पर्यटक इलाकों में घुस गया। नेपाल पर्यटन विभाग के पास मौजूद आंकड़ों के मुताबिक, विभिन्न पर्यटक एजेंसियों ने जो जानकारी साझा की है, उसमें 105 भारतीय लापता हैं। इनमें से 59 भारतीय एक स्थान पर और 46 भारतीय दूसरे स्थान पर फंसे होने की आशंका है। भारतीय दूतावास ने इस आपात स्थिति को देखते हुए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं, ताकि प्रभावितों के परिवार संपर्क कर सकें। मदद के लिए +9779851316807 और +9779709107500 नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है।

यातायात और सुरक्षा के लिए सख्त हिदायत

काठमांडू ट्रैफिक पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर एहतियाती कदम उठाए हैं। रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग और चितवन की ओर जाने वाले सभी वाहनों की आवाजाही पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। पर्यटकों और स्थानीय लोगों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे आपदाग्रस्त इलाकों की ओर जाने से बचें। प्रशासन ने कहा है कि जब तक आधिकारिक रूप से सुरक्षित होने की पुष्टि न हो जाए, तब तक किसी भी रास्ते का उपयोग न करें।

खराब मौसम के कारण बाधित रेस्क्यू ऑपरेशन

बाढ़ के बाद स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है। बचाव कार्य के लिए नेपाल सेना के दो हेलीकॉप्टरों को तत्काल रसुवा के लिए रवाना किया गया था, लेकिन खराब मौसम ने रेस्क्यू मिशन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। स्थानीय मीडिया की खबरों के अनुसार, राहत और बचाव सामग्री लेकर निकले तीन हेलीकॉप्टर भी काठमांडू वापस लौटने पर मजबूर हो गए। काठमांडू हवाई अड्डे ने जानकारी दी कि एल्टीट्यूड एयर, एयर डायनेस्टी और अन्नपूर्णा हेलीकॉप्टर्स को विजिबिलिटी कम होने के कारण अपना मिशन बीच में ही छोड़ना पड़ा।

प्रशासन की अपील और राहत कार्य

नेपाल के गृह मंत्री सुधन गुरुंग ने आम जनता से अपील की है कि वे नदियों के किनारे और मुख्य राजमार्गों पर जाने से बचें। भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों के आसपास बसे लोगों को पूरी तरह सतर्क रहने को कहा गया है। गृह मंत्री और पर्यटन मंत्री खड़गराज पौडेल स्वयं हवाई अड्डे पर कैंप कर रहे हैं और वहां से बचाव उड़ानों की निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल लापता लोगों की तलाश और फंसे हुए लोगों तक सुरक्षित पहुंच बनाना है, हालांकि मौसम का मिजाज बचाव दलों के लिए लगातार परेशानी पैदा कर रहा है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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