नीमराना में 22 महीने के बच्चे का अपहरण, 50 घंटे की मशक्कत के बाद यूपी से हुआ बरामद क्राइम एक घंटा पहले 5
कोटपूतली-बहरोड़ जिले के नीमराना से अगवा किए गए मासूम को पुलिस ने उत्तर प्रदेश से सुरक्षित ढूंढ निकाला है, जिसके बाद अंधविश्वास और नरबलि की आशंका गहरा गई है।

अपहरण के बाद पूरे इलाके में मचा हड़कंप

कोटपूतली-बहरोड़ जिले के नीमराना से एक 22 महीने के मासूम बच्चे किसना के अपहरण की घटना ने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी थी। घटना के करीब 50 घंटे की कड़ी मशक्कत और छानबीन के बाद पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए बच्चे को उत्तर प्रदेश के कोसी इलाके से सकुशल बरामद कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने बिहार के सासाराम के रहने वाले विवेक कुमार नाम के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।

तंत्र-मंत्र और नरबलि का खौफनाक एंगल

पुलिस की शुरुआती जांच और आरोपी के पास से मिली सामग्री ने सनसनीखेज खुलासे किए हैं। आरोपी के पास से तांत्रिक गतिविधियों में इस्तेमाल होने वाला सामान और चोरी की गई एक मोटरसाइकिल बरामद हुई है। जांच अधिकारियों को संदेह है कि इस मासूम बच्चे का अपहरण अंधविश्वास के चलते और किसी तांत्रिक क्रिया को अंजाम देने की नीयत से किया गया था। इस मामले में नरबलि की साजिश की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता है।

पुलिस की आठ विशेष टीमों का ऑपरेशन

बच्चे को ढूँढने के लिए पुलिस प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की 8 विशेष टीमों का गठन किया गया था। इन टीमों ने अलग-अलग राज्यों में छापेमारी की और करीब 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर आरोपी तक पहुँचने का रास्ता साफ किया। फिलहाल पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि इस पूरी अपहरण की घटना में आरोपी के अलावा और कौन-कौन से लोग शामिल हो सकते हैं या यह किसी बड़े गिरोह का काम है।

सान्वी राणा पाबना के क्राइम एवं राज्य रिपोर्टर हैं, जो अपराध और विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें कवर करते हैं। कानून-व्यवस्था, जांच और बड़ी आपराधिक घटनाओं की वे जिम्मेदार रिपोर्टिंग करते हैं। तथ्यों की पुष्टि और संवेदनशीलता उनके काम की पहचान हैं।

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