क्राइम
एक घंटा पहले
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गिरोह का भंडाफोड़ और गिरफ्तारियां
अजमेर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी फॉरेक्स ट्रेडिंग कंपनी के माध्यम से लोगों के साथ धोखाधड़ी करने वाले एक गिरोह को पकड़ लिया है। इस मामले में पुलिस ने BIP ट्रेड कंपनी के संचालक लोकेश चौधरी के साथ ही धीरज गुड़ानी, अब्दुल समद और हनुमान छंगाणी को गिरफ्तार किया है। इन चारों आरोपियों पर आरोप है कि उन्होंने फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर आम लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी की है।
मुनाफे का झांसा और ठगी का तरीका
पुलिस जांच में सामने आया है कि ये आरोपी निवेशकों को लुभाने के लिए 8 से 12 प्रतिशत तक मासिक मुनाफे का झूठा वादा करते थे। इस प्रलोभन में आकर कई लोगों ने अपनी गाढ़ी कमाई इस फर्जी कंपनी में निवेश कर दी। निवेशकों को लगा कि उनका पैसा तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन वास्तव में यह एक संगठित धोखाधड़ी का हिस्सा था।
अजमेर में दर्ज हुए 40 मामले
इस पूरे घोटाले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि केवल अजमेर जिले में ही इस कंपनी के खिलाफ 40 से अधिक मामले दर्ज हो चुके हैं। पुलिस को लगातार मिल रही शिकायतों के बाद यह कार्रवाई की गई है। फिलहाल, पुलिस की टीम इस पूरे नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि इस धोखाधड़ी के जरिए अब तक कुल कितनी राशि लूटी गई है।
जांच का दायरा
पुलिस अब इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि कंपनी का नेटवर्क कितने बड़े इलाके में फैला हुआ था और इसमें और कौन-कौन से लोग शामिल हो सकते हैं। अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि ठगी गई राशि को बरामद करने और अन्य सहयोगियों की पहचान करने में मदद मिल सके।
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