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एक घंटा पहले
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विचारों
सपनों का बदलना और किस्मत का नया मोड़
मनोरंजन उद्योग की चकाचौंध भरी दुनिया में अक्सर सितारे अपनी मेहनत और सही मौकों के दम पर पहचान बनाते हैं। हालांकि, कभी-कभी कुछ ऐसे दिलचस्प मोड़ आते हैं जो किसी के जीवन की पूरी दिशा ही बदल देते हैं। अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। पर्दे के पीछे रहने वाली एक मार्केटिंग टीम की सदस्य का अभिनेत्री बन जाना किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं लगता। परिणीति का करियर इस बात का जीता-जागता सबूत है कि जीवन में हम जो योजनाएं बनाते हैं, किस्मत उनसे कहीं अधिक कुछ अलग लिखती है।
इन्वेस्टमेंट बैंकिंग का सपना और वापसी
अभिनेत्री का जन्म 22 अक्टूबर को हुआ था। परिणीति का शुरुआती झुकाव कभी भी फिल्मों की तरफ नहीं था। 17 साल की उम्र में वह अपनी उच्च शिक्षा के लिए इंग्लैंड चली गई थीं। उन्होंने मैनचेस्टर बिजनेस स्कूल से बिजनेस, फाइनेंस और इकोनॉमिक्स में ट्रिपल ऑनर्स की डिग्री हासिल की थी। उस समय उनका एकमात्र लक्ष्य ब्रिटेन में एक सफल इन्वेस्टमेंट बैंकर के रूप में अपना करियर स्थापित करना था। हालांकि, वैश्विक मंदी के कारण उन्हें अपना रास्ता बदलना पड़ा और मजबूरन भारत लौटना पड़ा।
यशराज फिल्म्स में पीआर की भूमिका
भारत वापस आने के बाद, परिणीति ने अपनी बहन प्रियंका चोपड़ा की मदद से यशराज फिल्म्स के पब्लिक रिलेशंस और मार्केटिंग विभाग में काम करना शुरू किया। उस दौरान उनका काम फिल्मों के प्रमोशन और कलाकारों के इंटरव्यू को संभालना था। फिल्म बैंड बाजा बारात के प्रमोशन के दौरान, वह अनुष्का शर्मा और रणवीर सिंह जैसे कलाकारों के मीडिया इंटरैक्शन को मैनेज कर रही थीं। यही वह समय था जब उन्हें अभिनय की दुनिया के रचनात्मक पहलू को करीब से देखने का मौका मिला और उनका रुझान इस ओर बढ़ने लगा।
डमी ऑडिशन से मिली बड़ी सफलता
परिणीति चोपड़ा के अभिनय करियर की शुरुआत एक बेहद अनपेक्षित घटना से हुई। उन्होंने कंपनी के कहने पर मजाक-मजाक में एक डमी ऑडिशन दिया था। इस ऑडिशन के दौरान उन्होंने फिल्म जब वी मेट के किरदार गीत के संवाद बोले थे। जब यह टेप निर्माता आदित्य चोपड़ा के पास पहुंचा, तो वे परिणीति की अदाकारी से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने बिना देरी किए उन्हें सीधे 3 फिल्मों का ऑफर दे दिया। इन फिल्मों में लेडीज वर्सेस रिकी बहल (2011), इश्कजादे (2012) और शुद्ध देसी रोमांस (2013) शामिल थीं।
मार्केटिंग टीम से सीधे स्क्रीन तक का सफर
यशराज फिल्म्स में पीआर संभालने के महज 3 महीने के भीतर ही परिणीति ने अभिनेत्री के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की। उनकी पहली फिल्म लेडीज वर्सेस रिकी बहल (2011) में उनके सह-कलाकार अनुष्का शर्मा और रणवीर सिंह थे। हालांकि इन फिल्मों का व्यावसायिक प्रदर्शन मिला-जुला रहा, लेकिन परिणीति के अभिनय को समीक्षकों और दर्शकों ने खूब सराहा। परिणीति ने सोशल मीडिया पर अपने प्रशंसकों से संवाद के दौरान इस पूरे सफर का खुलासा किया था।
अनुष्का शर्मा के साथ खास संबंध
इंस्टाग्राम स्टोरीज के माध्यम से जब परिणीति से उनकी 'लेडी क्रश' अनुष्का शर्मा के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने उनके बीच के पुराने संबंधों पर प्रकाश डाला। परिणीति ने बताया कि उनके और अनुष्का के बीच एक मजबूत बॉन्डिंग है। जिस प्रोडक्शन हाउस ने अनुष्का को लॉन्च किया था, परिणीति उसी की मार्केटिंग टीम का हिस्सा थीं। परिणीति ने याद करते हुए कहा कि वे बैंड बाजा बारात के दौरान अनुष्का के सभी मीडिया इंटरव्यू मैनेज किया करती थीं। उन्होंने इस बदलाव पर खुशी जताते हुए कहा कि यह वाकई में काफी दिलचस्प है कि जिस कलाकार के इंटरव्यू वे मैनेज कर रही थीं, तीन महीने के भीतर ही वे उनकी को-स्टार बन गईं।
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