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2 घंटे पहले
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नमो भारत का विस्तार और नई योजना
दिल्ली और मेरठ के बीच नमो भारत ट्रेन के सफल संचालन के बाद अब नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन यानी NCRTC ने दिल्ली-NCR के अन्य बड़े शहरों को आपस में जोड़ने की तैयारी पूरी कर ली है। इस दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए NCRTC ने गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा को एक हाई-स्पीड कनेक्टिविटी नेटवर्क से जोड़ने के लिए डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट यानी DPR तैयार कर ली है। इस पूरी योजना को मंजूरी के लिए हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन के पास भेज दिया गया है ताकि हरियाणा सरकार इसकी समीक्षा कर सके।
प्रोजेक्ट की लागत और विस्तार
इस महत्वाकांक्षी कॉरिडोर की लंबाई 63 किलोमीटर तय की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरे प्रोजेक्ट को पूरा करने में कुल 19,390 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। इस कॉरिडोर का एक बड़ा हिस्सा, यानी करीब 50 किलोमीटर की दूरी हरियाणा की सीमा में होगी, जबकि बाकी बचा 13 किलोमीटर का हिस्सा उत्तर प्रदेश की सीमा में आएगा। अधिकारियों का कहना है कि इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत गुरुग्राम, फरीदाबाद और ग्रेटर नोएडा को आपस में जोड़ने वाली इंटीग्रेटेड मेट्रो कनेक्टिविटी है।
स्टेशन और कनेक्टिविटी की रूपरेखा
प्रस्तावित नमो भारत RRTS कॉरिडोर पर फिलहाल 7 स्टेशन बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इफ्को चौक को मुख्य इंटरचेंज स्टेशन के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके अलावा, गुरुग्राम के भीतर सेक्टर-61 और ग्वाल पहाड़ी पर नए स्टेशन बनेंगे। फरीदाबाद की बात करें तो सैनिक कॉलोनी, बाटा चौक और सेक्टर-87 व 88 के इंटरसेक्शन पर स्टेशन की योजना है। इसी कड़ी में नोएडा का सेक्टर 142 और सूरजपुर में भी दो प्रमुख स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।
मेट्रो का जाल और विस्तार
इस बड़े प्रोजेक्ट में मेट्रो कनेक्टिविटी को खास महत्व दिया गया है। गुरुग्राम में मेट्रो रूट पर सेक्टर 29, मिलेनियम सिटी सेंटर, सेक्टर 52/52A, वजीराबाद और सेक्टर 57 में 5 स्टेशन होंगे। फरीदाबाद के लिए NIT-3, NIT-1, सेक्टर 12/13/14/15 इंटरसेक्शन, सेक्टर 80, सेक्टर 81/82 इंटरसेक्शन, सेक्टर 85/86 इंटरसेक्शन और बादशाहपुर में मेट्रो स्टेशन प्रस्तावित हैं। वहीं, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लिए सेक्टर 135, सेक्टर 141 और सुथियाना में 3 मेट्रो स्टेशन बनेंगे।
आर्थिक बजट और वित्तीय योजना
इस भारी-भरकम प्रोजेक्ट के वित्तपोषण के लिए NCRTC ने 10,102 करोड़ रुपये का सॉफ्ट लोन लेने की योजना बनाई है। केंद्र और राज्य सरकारों के बीच खर्च का बंटवारा भी तय हो गया है, जिसमें केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 3,367 करोड़ रुपये, हरियाणा का योगदान 4,555 करोड़ रुपये और उत्तर प्रदेश का हिस्सा 1,364 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है।
सरकारी स्तर पर समीक्षा प्रक्रिया
हाल ही में हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में आयोजित बोर्ड बैठक में इस DPR को लेकर गहन विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों का कहना है कि परियोजना को अंतिम रूप देने से पहले GMDA, HSVP और गुरुग्राम व फरीदाबाद नगर निगम जैसे संबंधित विभागों से फीडबैक लिया जाएगा। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि RRTS कॉरिडोर पर चर्चा सकारात्मक रही है और अब विभागीय समीक्षा की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
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