श्रमजीवी एक्सप्रेस में गूंजी किलकारी: चलती ट्रेन में बेटे का जन्म, फिर स्टेशन प्लेटफॉर्म पर आई नन्ही बेटी बिहार एक घंटा पहले 2
बिहार के नालंदा में दिल्ली से लौट रही एक गर्भवती महिला ने जुड़वा बच्चों को अनोखे अंदाज में जन्म दिया, जिसमें पहला बच्चा ट्रेन में और दूसरा प्लेटफॉर्म पर पैदा हुआ।

बिहार के नालंदा जिले से एक बेहद हैरान और भावुक कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक गर्भवती महिला ने चलती ट्रेन और रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर जुड़वा बच्चों को जन्म दिया। इस अनोखी डिलीवरी की चर्चा हर तरफ हो रही है। इस घटना के बाद नालंदा का बिहारशरीफ रेलवे स्टेशन नवजात बच्चों की किलकारियों से गूंज उठा। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान ट्रेन में सवार यात्रियों और स्थानीय किन्नर समाज के लोगों ने जिस संवेदनशीलता के साथ मदद की, उसकी हर कोई सराहना कर रहा है।

दिल्ली से गांव वापसी के दौरान शुरू हुआ दर्द

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सिम्पू देवी अपने पति दशरथ के साथ दिल्ली से बिहार अपने गांव लौट रही थीं। दशरथ दिल्ली में मजदूरी का काम करते हैं। सिम्पू देवी के प्रसव का समय काफी नजदीक आ चुका था, इसी वजह से वे दोनों अपने घर वापस आ रहे थे ताकि वहां सुरक्षित प्रसव हो सके। दोनों ने दिल्ली से श्रमजीवी एक्सप्रेस पकड़ी थी। सफर के दौरान अचानक सिम्पू देवी को तेज प्रसव पीड़ा होने लगी, जिससे दंपत्ति बेहद घबरा गया। ट्रेन में उस वक्त कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था, लेकिन साथी यात्रियों ने तुरंत तत्परता दिखाई और पीड़ित महिला की मदद के लिए आगे आए।

ट्रेन के डिब्बे में बेटा और प्लेटफॉर्म पर आई बेटी

सह-यात्रियों के भरपूर सहयोग से चलती ट्रेन के डिब्बे के भीतर ही सिम्पू देवी ने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। इसके बाद ट्रेन जैसे ही नालंदा के बिहारशरीफ रेलवे स्टेशन पर आकर रुकी, महिला को एक बार फिर से तेज प्रसव पीड़ा होने लगी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्हें तुरंत ट्रेन से नीचे उतारा गया, लेकिन अस्पताल ले जाने से पहले ही प्लेटफॉर्म पर ही उन्होंने अपनी दूसरी संतान, यानी एक बच्ची को जन्म दे दिया। स्टेशन पर अचानक दो-दो नवजात बच्चों के जन्म से कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया था, लेकिन वहां मौजूद लोगों ने सूझबूझ से स्थिति को संभाला।

किन्नर समाज ने पेश की मानवता की मिसाल

इस पूरी घटना के दौरान स्टेशन पर मौजूद किन्नर समाज के लोग देवदूत बनकर सामने आए। उन्होंने तुरंत मामले की गंभीरता को समझा और जच्चा-बच्चा की सुरक्षा की जिम्मेदारी अपने हाथों में ले ली। किन्नरों ने बिना समय गंवाए फौरन एंबुलेंस की व्यवस्था की और मां के साथ दोनों नवजात शिशुओं को बिहारशरीफ के सदर अस्पताल पहुंचाया। उनकी इस तत्परता और मानवीय व्यवहार की स्टेशन पर मौजूद तमाम यात्रियों और रेल कर्मियों ने जमकर तारीफ की है।

अस्पताल में मां और नवजातों की स्थिति

फिलहाल सदर अस्पताल बिहारशरीफ के डॉक्टरों की देखरेख में मां और दोनों बच्चों का इलाज चल रहा है। चिकित्सा अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, मां सिम्पू देवी और उनके नवजात बेटे की हालत पूरी तरह से सामान्य और खतरे से बाहर है। हालांकि, प्लेटफॉर्म पर जन्मी नवजात बच्ची की स्थिति थोड़ी नाजुक बनी हुई है और डॉक्टर लगातार उसकी सेहत पर नजर रखे हुए हैं। दंपत्ति ने संकट के समय में मदद करने वाले सभी यात्रियों और किन्नर समाज के लोगों का दिल से आभार व्यक्त किया है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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